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15 वर्ष पुराने ₹2.70 करोड़ के स्कूल फर्नीचर खरीदी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, शासन को ₹67.15 लाख की आर्थिक क्षति के मामले में तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सहित दो गिरफ्तार

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15 वर्ष पुराने ₹2.70 करोड़ के स्कूल फर्नीचर खरीदी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, शासन को ₹67.15 लाख की आर्थिक क्षति के मामले में तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सहित दो गिरफ्तार

अंबिकापुर, 19 अगस्त 2026। वर्ष 2010-11 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन (सर्व शिक्षा अभियान), अंबिकापुर द्वारा अविभाजित सरगुजा जिले के अंतर्गत सूरजपुर एवं बलरामपुर-रामानुजगंज क्षेत्र की पूर्व माध्यमिक शालाओं में फर्नीचर खरीदी के लिए आवंटित करीब ₹2.70 करोड़ की राशि में अनियमितता के 15 वर्ष पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रकरण में शासन को ₹67,15,814 की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय (एस.पी. पाण्डेय) तथा मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस, चोपड़ापारा, अंबिकापुर के संचालक संजय पटेल को गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में वर्ष 2017 में अपराध क्रमांक 28/2017 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

बिना फर्नीचर आपूर्ति के बिल लगाकर कराया भुगतान

विवेचना में सामने आया कि तत्कालीन जिला कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, अंबिकापुर द्वारा तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद पंजीकृत फर्मों को CSIDC की निर्धारित दरों पर फर्नीचर क्रय एवं आपूर्ति के आदेश जारी किए गए थे।

जांच के दौरान मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि फर्म द्वारा वास्तविक रूप से फर्नीचर की आपूर्ति किए बिना आपूर्ति दर्शाते हुए बिल प्रस्तुत किए गए और उन्हीं बिलों के आधार पर शासकीय राशि का भुगतान प्राप्त किया गया। विवेचना में इस अनियमित भुगतान से शासन को ₹67,15,814 की आर्थिक क्षति होना पाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि संजय पटेल द्वारा प्राप्त भुगतान में से अपना कमीशन रखने के बाद शेष राशि तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय को दिए जाने के संबंध में साक्ष्य मिले हैं।

मिलीभगत और षड्यंत्र के साक्ष्य मिले

विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि सत्यप्रकाश पाण्डेय एवं संजय पटेल द्वारा कथित रूप से आपसी षड्यंत्र एवं मिलीभगत कर वास्तविक फर्नीचर आपूर्ति के बिना बिलिंग और भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया, जिससे शासकीय राशि का दुरुपयोग हुआ।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अन्य फर्नीचर आपूर्तिकर्ताओं द्वारा की गई आपूर्ति में भी अनियमितताएं की गई थीं तथा तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक द्वारा उनसे कमीशन लिए जाने के संबंध में भी तथ्य प्राप्त हुए हैं। अन्य आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका, वास्तविक आपूर्ति, भुगतान एवं कथित कमीशन की राशि की जांच अभी जारी है।

दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया

प्रकरण की विवेचना में आरोपियों के विरुद्ध धारा 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा सहपठित धारा 120-बी, 420 एवं 409 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य पाए गए हैं।

दिनांक 19 अगस्त 2026 को तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक सत्यप्रकाश पाण्डेय (एस.पी. पाण्डेय) तथा संजय पटेल, संचालक मेसर्स दर्शन फेब्रिकेशन एवं आकृति प्रिंटिंग प्रेस, चोपड़ापारा, अंबिकापुर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

प्रकरण में अन्य संबंधित व्यक्तियों एवं आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका की जांच सहित अग्रिम विवेचना जारी है।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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