

सहायक शिक्षिका के शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में संविलियन पर जांच के निर्देश
तीन दिवस के भीतर जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने बीईओ अम्बिकापुर को निर्देश
अंबिकापुर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, अंबिकापुर ने शिक्षा विभाग की एक सहायक शिक्षिका के आदिम जाति कल्याण विभाग में किए गए संविलियन को लेकर गंभीरता दिखाई है। मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अंबिकापुर को तत्काल प्रभाव से जांच कर तीन दिवस के भीतर स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक शिक्षिका पंचायत प्राथमिक शाला खलिबा, विकासखंड अंबिकापुर में पदस्थ थीं। उनके शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में किए गए संविलियन को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संविलियन संबंधी निर्धारित गाइडलाइन के प्रावधानों के अनुसार शिक्षा विभाग से आदिम जाति कल्याण विभाग में संविलियन का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी का संविलियन किए जाने को नियमों के विपरीत एवं त्रुटिपूर्ण बताया गया है।
पूर्व में भी मांगा गया था जांच प्रतिवेदन
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी स्मरण पत्र में उल्लेख किया गया है कि मामले की जांच कर पूर्व में भी प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक जांच प्रतिवेदन कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पुनः स्मरण पत्र जारी कर पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर जांच पूरी कर स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है।
जांच के दौरान संविलियन की पूरी प्रक्रिया, संबंधित विभागीय अभिलेखों तथा लागू गाइडलाइन के प्रावधानों का परीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी ने भी दिया था ज्ञापन
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी द्वारा हाल ही में संयुक्त संचालक, शिक्षा सरगुजा संभाग को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी।
कलेक्टर की शिकायत शाखा में दर्ज है मामला
जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रकरण कलेक्टर सरगुजा की शिकायत शाखा आर-03 में दर्ज है। ऐसे में जांच प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करना आवश्यक माना गया है। जांच में यदि संविलियन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन या विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
अब इस पूरे मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जांच प्रतिवेदन पर निगाहें टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संबंधित संविलियन किन परिस्थितियों में किया गया तथा इसमें नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
Author: Chhattisgarhiya News
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