

अकुम्हरता डबल मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला: दोनों हत्यारों को उम्रकैद, 16 गवाह और 46 साक्ष्यों ने दिलाई सजा
वैज्ञानिक साक्ष्यों और मजबूत विवेचना से पुलिस ने कसा शिकंजा, विवेचक व टीम को मिलेगा पारितोषिक
सरगुजा, 18 अगस्त 2026। थाना दरिमा क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में वर्ष 2025 में हुए बहुचर्चित पति-पत्नी दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर के न्यायालय ने 14 अगस्त 2026 को मामले के दोनों आरोपियों करीमन मझवार (42 वर्ष), निवासी पम्पापुर और जय श्याम (28 वर्ष), निवासी पम्पापुर को हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामला थाना दरिमा के अपराध क्रमांक 159/2025 से संबंधित है। घटना 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात ग्राम कुम्हरता घाधी में हुई थी। 23 अक्टूबर की सुबह पुलिस को एक घर में पति-पत्नी के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक रीमा लकड़ा एवं जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के शव घर की परछी में मिले थे। प्रारंभिक जांच में दोनों की हत्या किए जाने के साथ ही घर से बकरियां गायब होने की जानकारी सामने आई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) घटनास्थल पहुंचे और थाना दरिमा पुलिस टीम को बारीकी से साक्ष्य एकत्रित कर आरोपियों की पतासाजी के निर्देश दिए।
टांगी, कपड़े और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने खोला राज
विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी (कुल्हाड़ी) बरामद की गई। घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए शर्ट भी जब्त किए गए, जिन पर खून जैसे धब्बे पाए गए थे।
इसके अलावा घटनास्थल से शवों के पास पड़ी खून आलूदा मिट्टी एवं साधारण मिट्टी, मृतकों के कपड़े तथा पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी विधिवत जब्त किए गए। सभी महत्वपूर्ण सामग्रियों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया। घटना में प्रयुक्त हथियार और कपड़ों का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।
16 गवाह और 46 आर्टिकल साक्ष्य बने अहम कड़ी
मामले की विवेचना वर्तमान थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो द्वारा की गई। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र क्रमांक 164/2025, दिनांक 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से प्रस्तुत करते हुए 16 महत्वपूर्ण गवाहों के कथन एवं 46 आर्टिकल साक्ष्य पेश किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
माननीय न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने के संबंध में भी विचार किया। निर्णय में मृतकों की क्षति को अपूरणीय बताते हुए उनके उत्तराधिकारियों को समुचित प्रतिकार प्रदान किए जाने की अनुशंसा की गई है।
विवेचक और पुलिस टीम को मिलेगा पारितोषिक
दोहरे हत्याकांड में आरोपियों को सजा दिलाने में प्रभावी विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रकरण के विवेचक थाना प्रभारी दरिमा तथा सहायक स्टाफ को उचित पारितोषिक प्रदान किए जाने की अनुशंसा पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज से की गई थी।
सरगुजा पुलिस की इस उपलब्धि पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक झा ने विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश खलखो एवं विवेचना में सहयोग करने वाले दरिमा स्टाफ के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की है।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के निर्णय को महत्वपूर्ण बताते हुए विवेचक निरीक्षक राजेश खलखो की उच्च व्यवसायिक दक्षता एवं उत्कृष्ट विवेचना की सराहना की है।
Author: Chhattisgarhiya News
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