

डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के निर्देशन में ‘नेक्स्ट-जेन डायल-112’ की समीक्षा बैठक संपन्न
त्वरित रिस्पॉन्स ही डायल-112 की असली पहचान, लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
अंबिकापुर। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन में आज रक्षित केंद्र अंबिकापुर के सभाकक्ष में ‘नेक्स्ट-जेन डायल-112’ आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डायल-112 के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री रितेश चौधरी ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य डायल-112 सेवा को जिला स्तर पर और अधिक चुस्त, प्रभावी, संवेदनशील एवं समयबद्ध बनाना रहा। इस दौरान महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा आम नागरिकों से शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए गए।
रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने के सख्त निर्देश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में पीड़ित तक पुलिस सहायता पहुंचने में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। किसी भी इवेंट अथवा शिकायत की सूचना प्राप्त होते ही ईआरयू तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो और घटना का त्वरित निराकरण करने के बाद बिना अनावश्यक विलंब के अपने निर्धारित फिक्स पॉइंट पर वापस लौटे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहनों की अनावश्यक मोबिलिटी, ड्यूटी में सुस्ती अथवा रिस्पांस टाइम में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी व्यवस्था को मजबूत रखने पर जोर
बैठक में लोकेशन ट्रैकिंग, जीपीएस एवं आपातकालीन वाहनों के संचालन की भी समीक्षा की गई। तकनीकी टीम को हमेशा अलर्ट मोड में रहने तथा कंट्रोल रूम एवं मैदानी वाहनों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सहायता पहुंचने में अनावश्यक विलंब न हो।
बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की हुई प्रशंसा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी डायल-112 ने ईआरयू में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों एवं चालकों द्वारा आम जनता को बेहतर आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों एवं चालकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार हेतु अनुशंसा किए जाने की भी जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा को प्राथमिकता
बैठक में महिला एवं बाल सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। डायल-112 टीम को घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों के साथ संवेदनशील एवं शालीन व्यवहार करने तथा जरूरतमंद नागरिकों को तत्काल आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
साइबर अपराधों से बचाव की दी गई जानकारी
बैठक के दौरान साइबर सेल अंबिकापुर में पदस्थ आरक्षक अनुज जायसवाल एवं आरक्षक वीरेन्द्र पैकरा द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों एवं वाहन चालकों को साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा वर्तमान में चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के उद्देश्य एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के उपायों की जानकारी भी साझा की गई।
साइबर एक्सपर्ट्स ने ओटीपी फ्रॉड, लोन ऐप स्कैम, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
डायल-112 टीम को नागरिकों को साइबर जागरूक करने के निर्देश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डायल-112 के अधिकारी-कर्मचारी एवं चालक सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं और कई घटनाओं में मौके पर सबसे पहले पहुंचते हैं। इसलिए वे अपने फील्ड ड्यूटी के दौरान नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक भी करें।
नागरिकों को समझाया जाए कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे ठगी की राशि को समय रहते ब्लॉक कराने की कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
बैठक में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे उपस्थित
बैठक में रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपूत, डीसीसी प्रभारी उप निरीक्षक अभय कुमार तिवारी, प्रशिक्षु सूबेदार गुलशन चंद्रा एवं पेविंन वर्मा, डीसीसी सरगुजा स्टाफ से प्रधान आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी, आरक्षक मोहन पवार, प्रदीप बखला एवं महिला आरक्षक मनीषा द्विवेदी, जिले के विभिन्न थानों एवं यातायात शाखा से पुलिस स्टाफ, साइबर सेल से आरक्षक वीरेन्द्र पैकरा एवं अनुज जायसवाल, डिस्ट्रिक्ट फ्लीट मैनेजर (FMS) पुरुषोत्तम दास वैष्णव सहित जीवीके ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के अंतर्गत ईआरवी एवं हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों में तैनात 16 चालक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने दोहराया कि डायल-112 आपातकाल में आम जनता का महत्वपूर्ण सहारा है। सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। टीम को तत्परता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
Author: Chhattisgarhiya News
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