लद्दाख के प्रख्यात जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी
लेह पुलिस ने शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता एवं सामाजिक चिंतक सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जोधपुर जेल स्थानांतरित कर दिया गया है।
वांगचुक की पत्नी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि गिरफ्तारी की कार्रवाई अचानक की गई तथा परिवार को इसकी औपचारिक सूचना काफी देर बाद दी गई।
🔹 घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
हाल ही में लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। केंद्र सरकार ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक ने अपने भाषणों एवं अभियानों से लोगों को भड़काने का कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप कानून-व्यवस्था बिगड़ी।
🔹 प्रशासन का पक्ष
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक कदम है। अधिकारियों ने दावा किया कि परिस्थितियाँ गंभीर हो गई थीं और संभावित अशांति को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया।
🔹 समर्थकों की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, वांगचुक के समर्थक और नागरिक समाज संगठनों ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि सरकार शांतिपूर्ण आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। कई पर्यावरण संगठनों और छात्र समूहों ने भी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।
🔹 वर्तमान स्थिति
• सोनम वांगचुक को फिलहाल जोधपुर जेल में रखा गया है।
• लेह एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
• नागरिक संगठनों द्वारा आने वाले दिनों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई है।
निष्कर्ष यह गिरफ्तारी लद्दाख एवं देशभर में बहस का विषय बन गई है। एक ओर प्रशासन इसे आवश्यक सुरक्षा कदम ठहरा रहा है, वहीं समर्थक इसे लोकतंत्र और पर्यावरण आंदोलन पर चोट के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में न्यायिक और राजनीतिक मोर्चों पर इस प्रकरण को लेकर और अधिक हलचल होने की संभावना है।
Author: Chhattisgarhiya News
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