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नागपंचमी पर 51 जोड़ों ने किया कालसर्प दोष शांति पूजन

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नागपंचमी पर 51 जोड़ों ने किया कालसर्प दोष शांति पूजन

 

नागदेवता की पूजा-अर्चना के साथ हुआ महारुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप, श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की

 

अंबिकापुर। नागपंचमी के पावन अवसर पर अंबिकापुर में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर वास्तु ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित योगेश नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में कालसर्प दोष शांति पूजन, महारुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप का आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजन में 51 जोड़ों ने विधि-विधान से पूजन में शामिल होकर भगवान शिव एवं नागदेवता की आराधना की और परिवार की सुख-शांति, आरोग्य एवं समृद्धि की कामना की।

 

सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व

 

आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल, दूध सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया। इसके साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार, महामृत्युंजय मंत्र जाप और रुद्राभिषेक किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास में भगवान महादेव की आराधना का विशेष महत्व है। वहीं नागपंचमी का पर्व नागदेवता और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है।

 

कालसर्प योग को लेकर धार्मिक मान्यता

 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जन्मकुंडली में राहु और केतु के बीच सभी ग्रहों के स्थित होने को कालसर्प योग अथवा कालसर्प दोष से जोड़ा जाता है। धार्मिक परंपराओं में नागपंचमी के दिन नागदेवता एवं भगवान शिव की पूजा, अभिषेक और मंत्र जाप को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के माध्यम से मानसिक शांति तथा जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना की।

 

अभिषेक से सुख-समृद्धि की कामना

 

पंडित योगेश नारायण मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव का अभिषेक करने से भक्तों को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नागपंचमी पर नागदेवता की पूजा भगवान शिव की आराधना से भी जुड़ी हुई है। इसी उद्देश्य से कालसर्प दोष शांति पूजन एवं महारुद्राभिषेक का विशेष आयोजन किया गया।

 

बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

 

पूजन कार्यक्रम में 51 जोड़ों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं नागदेवता की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार के सुख, शांति, आरोग्य एवं समृद्धि की कामना की। मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से आयोजन स्थल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

 

इस अवसर पर पंडित अंकित शर्मा, पंडित लखन दुबे, राजा मिश्रा, दुर्गेश पांडेय, रुक्म पांडेय, सुमित महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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