

भाजपा मुद्दों से भटका रही, देश अब भाषण नहीं हिसाब मांग रहा : परवेज आलम गांधी
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने वंदे मातरम् को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश की गौरवशाली विरासत पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता से किए गए वादों और दावों का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब जनता रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, अर्थव्यवस्था और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब मांगती है, तब भाजपा बार-बार नए मुद्दे उठाकर जनता का ध्यान मूल सवालों से भटकाने का प्रयास करती है। संसद सत्र के दौरान भी विपक्ष द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार मुद्दों को दूसरी दिशा में ले जाती रही।
परवेज आलम गांधी ने कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके सम्मान और स्थापित परंपरा को लेकर स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रनिर्माताओं और संविधान सभा के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गुरु रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित अनेक महान व्यक्तित्वों ने देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि यदि आज वंदे मातरम् की स्थापित परंपरा और स्वरूप को बदलने की बात की जा रही है, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संविधान सभा और देश के महान नेताओं द्वारा लिए गए निर्णय से आखिर आपत्ति क्या है? उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की उस पीढ़ी की विरासत को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
परवेज गांधी ने कहा कि भाजपा को इतिहास की विरासत पर राजनीति करने के बजाय वर्तमान की समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। देश की जनता जानना चाहती है कि लाल किले से किए गए वादों में कितने पूरे हुए और कितने केवल भाषणों तक सीमित रह गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को हर सवाल का जवाब देने के बजाय हर सवाल बदलने की आदत हो गई है, लेकिन अब जनता मुद्दा बदलने की इस राजनीति को समझ चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती सोनिया गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़े विषयों पर भी भाजपा नेताओं द्वारा अफवाह और राजनीतिक प्रचार का सहारा लिया गया। उन्होंने कहा कि तथ्यों और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय भ्रम फैलाने की राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उचित नहीं है।
परवेज आलम गांधी ने कहा कि देश को इतिहास के नाम पर नए विवाद नहीं, बल्कि वर्तमान के सवालों के जवाब चाहिए। जनता अब भाषणों की चमक-दमक से नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज और उपलब्धियों के आधार पर मूल्यांकन करेगी।
उन्होंने कहा कि जनता के सवाल आज भी वही हैं—वादे कितने पूरे हुए? रोजगार कितना मिला? महंगाई कितनी कम हुई? किसानों की स्थिति में कितना सुधार हुआ और आम नागरिक को वास्तविक राहत कितनी मिली?
अंत में उन्होंने कहा कि मुद्दा बदलने से सवाल खत्म नहीं होते और आरोप लगाने से हिसाब नहीं मिटता। भाजपा चाहे जितने मुद्दे बदल ले, जनता के सवाल वहीं रहेंगे। अब भाजपा को देश की जनता के सवालों का जवाब देना ही होगा।
Author: Chhattisgarhiya News
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