

आग से झुलसे व्यक्ति को डायल-112 टीम ने समय पर पहुंचाया अस्पताल
त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता का दिया परिचय
अंबिकापुर। संकट की घड़ी में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाली डायल-112 सेवा ने एक बार फिर अपनी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। अंबिकापुर के नवागढ़ स्थित महामाया मंदिर के पास आग से झुलसे एक व्यक्ति को डायल-112 टीम ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
जानकारी के अनुसार 11 अगस्त 2026 को सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर रायपुर से सरगुजा डीसीसी डायल-112 टीम को सूचना मिली कि नवागढ़, महामाया मंदिर के पास एक व्यक्ति आग से झुलस गया है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने घटनास्थल पर तैनात पुलिस टीम को सक्रिय किया तथा आवश्यक आपातकालीन समन्वय शुरू किया।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं डायल-112 नोडल अधिकारी श्री रितेश चौधरी के मार्गदर्शन में टीम ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की।
डायल-112 कंट्रोल रूम में तैनात प्रधान आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी एवं महिला आरक्षक मनीषा द्विवेदी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए लगातार मॉनीटरिंग की। उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से समन्वय स्थापित कर उसे घटनास्थल के लिए रवाना कराया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी।
वहीं, घटनास्थल पर तैनात आरक्षक सुशील खेस एवं चालक पेंटेश्वर ने तत्परता दिखाते हुए आग से झुलसे व्यक्ति को उसके परिजनों के साथ सुरक्षित रूप से मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया।
डायल-112 कंट्रोल रूम की सतत मॉनीटरिंग, एंबुलेंस सेवा से त्वरित समन्वय और घटनास्थल पर मौजूद पुलिस टीम की तत्परता के चलते पीड़ित को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
सराहनीय भूमिका
डायल-112 कंट्रोल रूम स्टाफ
प्रधान आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी
महिला आरक्षक मनीषा द्विवेदी
डायल-112 ERV स्टाफ
आरक्षक सुशील खेस, थाना अंबिकापुर
चालक पेंटेश्वर, डायल-112 अंबिकापुर शेर-2
सरगुजा डायल-112 टीम की यह कार्रवाई पुलिस की सेवा, सुरक्षा और सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आपात स्थिति में टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता और संवेदनशीलता सराहनीय है।
“साहस, तत्परता और संवेदनशीलता—सरगुजा डायल-112 की पहचान।”
Author: Chhattisgarhiya News
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