राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना से पशुपालकों को मिल रहा लाभ, उन्नत नस्ल के बछड़ों से बढ़ेगी दुग्ध उत्पादन क्षमता
बतौली / भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना के अंतर्गत जिला सरगुजा के विकासखंड बतौली में पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की दिशा में लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत नस्ल के सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराकर बेहतर नस्ल की संतति तैयार की जा रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य है।
विकासखंड बतौली के पशु चिकित्सालय मंगारी के प्रभारी डॉ. भीष्मदेव साहू द्वारा गांव-गांव जाकर पशुपालकों के घरों में कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं तथा पशुपालकों को गीर, साहिवाल, जर्सी एवं एचएफ (होल्स्टीन फ्रिजियन) जैसी उन्नत नस्लों के बछड़े एवं बछियाएं प्राप्त हो रही हैं, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
डॉ. साहू ने क्षेत्र के पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना का लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यदि गांव स्तर पर दूध उत्पादक किसान मिलकर दूध सहकारी समिति का गठन करें, तो दूध का संग्रहण कर डेयरी के माध्यम से उचित मूल्य पर विक्रय किया जा सकता है। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के माध्यम से पशु आहार, पशु चिकित्सा, टीकाकरण, बीमा एवं अन्य आवश्यक खर्चों के लिए ऋण सुविधा का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इच्छुक पशुपालक गौपालन एवं डेयरी विकास के लिए अपने निकटतम बैंक, सहकारी समिति एवं पशु चिकित्सालय से संपर्क कर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से आधुनिक तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने और अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया है।
Author: Chhattisgarhiya News
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