




अंबिकापुर / आज जब पूरा विश्व विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, उसी दिन अंबिकापुर शहर से एक बेहद चिंताजनक और निंदनीय घटना सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के गांधी चौक के समीप जयसवाल होटल के सामने एशियन न्यूज़ के संवाददाता पंकज शुक्ला पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सरेआम हमला किया गया। इस हमले में पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि हमलावरों का संबंध मजहर खान के समूह से है, जिनका पूर्व में भी रेलवे स्टेशन पार्किंग विवाद जैसे मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें कानून या पुलिस कार्रवाई का कोई भय नहीं रह गया है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह हमला शहर के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में, पुलिस मुख्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर हुआ। इससे सरगुजा जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
यह घटना न केवल एक पत्रकार पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। यदि सच को सामने लाने वाले पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो यह समाज के लिए अत्यंत गंभीर संकेत है।
मांगें:
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
पीड़ित पत्रकार को समुचित सुरक्षा एवं न्याय प्रदान किया जाए।
पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएं।
निष्कर्ष:
इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


Author: Chhattisgarhiya News
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