




नल जल योजना में भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश – जांच की मांग तेज


सरगुजा। अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन (नल जल योजना) के तहत बनाए गए पानी टंकी एवं पाइपलाइन कार्यों की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में आ गई है।
सरगुजा जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांजा में योजना के तहत निर्मित पानी टंकी और पाइपलाइन कार्य में भारी अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनाए गए इस ढांचे का उपयोग आज तक नहीं हो सका है और यह केवल “ढांचा” बनकर रह गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले 2 वर्षों से कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इस संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली गई, तो पहले “सोर्स नहीं होने” का हवाला दिया गया, वहीं अब “फंड की कमी” बताई जा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को “भ्रष्टाचार का वर्ल्ड कप” बताते हुए नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि गरीबों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है।
समाजसेवी अन्य स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने ईडब्ल्यूएस जैसी सक्षम एजेंसियों से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और वे जल्द से जल्द पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन अपनी “कुंभकरणी नींद” से जागता है या नहीं, और क्या ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।
Author: Chhattisgarhiya News
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