आईंरा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा के विरोध करने के बाद आक्रोश के बीच सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ने मांगी माफी पर रखी अजीब शर्तें आकांक्षा टोप्पो के शर्तों पर शासन प्रशासन ध्यान देंगे
यह काम पत्रकारों का नहीं है सड़क की समस्याओं को हल करना शासन प्रशासन का काम है हेमंत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ / पत्रकारों के खिलाफ अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद लगातार विवादों में घिरी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ने अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट जारी करते हुए पत्रकारों से माफी मांगी है। उसने पोस्ट में लिखा है कि वह पत्रकारों से “पैर पकड़कर और किसी भी हद तक जाकर माफी मांगने को तैयार है”, किंतु इसके साथ ही उसने कुछ शर्तें भी रख दी हैं।
इनफ्लुएंसर ने अपनी पोस्ट में मांग की है कि—
1️⃣ क्षेत्र की सभी सड़कों का शीघ्र सुधार कार्य कराया जाए,
2️⃣ प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए,
3️⃣ दुर्घटना होने की स्थिति में आधे घंटे के भीतर एंबुलेंस मौके पर पहुंचे।
हालांकि, इस माफी पोस्ट के साथ रखी गई शर्तों को लेकर पत्रकारों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पत्रकारों का कहना है कि यदि वह वास्तव में पश्चाताप कर रही हैं, तो उन्हें सीधे पत्रकार संगठन के पदाधिकारियों से मिलकर बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए थी। सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे नाटकीय बयान देकर वह केवल जनमानस की सिमपथी और राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रही हैं।
पत्रकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह इनफ्लुएंसर पिछले कुछ महीनों से जानबूझकर भ्रामक और भड़काऊ वीडियो बनाकर समाज में वैमनस्य फैलाने का कार्य कर रही है। कभी वह धार्मिक प्रतीकों का उपयोग कर विवाद पैदा करती हैं, तो कभी जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को निशाना बनाकर चर्चाओं में आने की कोशिश करती हैं।
पत्रकारों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम किसी “सोची-समझी साजिश” का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसके माध्यम से क्षेत्रीय सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि—
👉 इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर की गिरफ्तारी की जाए,
👉 उसके सभी भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाए जाएं,
👉 तथा भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया जाए।
अब तक किसी भी पत्रकार संगठन ने उसे औपचारिक रूप से माफ नहीं किया है और न ही गिरफ्तारी पर रोक लगाने की कोई बात कही है। वहीं पुलिस प्रशासन की धीमी कार्रवाई को लेकर पत्रकारों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
पत्रकार संघों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे एकजुट होकर आंदोलन की राह पर उतरेंगे और उच्च प्रशासनिक स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
Author: Chhattisgarhiya News
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