कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन ‘शिक्षा-न्याय’: युक्तियुक्तकरण नीति के विरोध में जिलास्तरीय रैली व घेराव
जिला कांग्रेस कमेटी ने आज ‘शिक्षा-न्याय’ आंदोलन के तहत जिलास्तरीय रैली निकालकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश सरकार की नई युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ था, जिसमें शासकीय स्कूलों के 45,000 शिक्षकों के पद समाप्त करने और 10,643 स्कूलों को बंद करने की योजना है। इस नीति से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
रैली का नेतृत्व पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री अमरजीत भगत ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।
शिक्षा बजट में कटौती पर सवाल
पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने कहा, “प्रदेश सरकार अपने सामाजिक दायित्व को निभाने में असफल रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में न्यूनतम आवश्यक बजट भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। नई युक्तियुक्तकरण नीति शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर देगी।” उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्कूलों में 1 से 5 तक की कक्षाओं के लिए केवल दो पद (प्रधान पाठक और शिक्षक) का प्रावधान अत्यंत अव्यावहारिक है।
श्री अमरजीत भगत ने कहा, “ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा का प्रचार-प्रसार इस नीति से बुरी तरह प्रभावित होगा। सरकार ने अपने घोषणापत्र में 57,000 शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत 45,000 पद समाप्त किए जा रहे हैं।”
महिला शिक्षकों के स्थानांतरण और स्कूलों की बंदी पर चिंता
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक प्रबंधन में असफल रही है, जिससे गरीब बच्चों और महिला शिक्षकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने महिला शिक्षकों के अन्य जिलों में स्थानांतरण को गंभीर समस्या बताया।
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें निम्न मांगें शामिल हैं:
1. युक्तियुक्तकरण नीति को तत्काल वापस लिया जाए।
2. शिक्षकों के अव्यवहारिक और विसंगतिपूर्ण स्थानांतरण को रोका जाए।
3. बंद और समायोजित स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया जाए।
4. 2008 की नीति के आधार पर 57,000 शिक्षकों की भर्ती हो।
Author: Chhattisgarhiya News
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