




अंबिकापुर पटाखा गोदाम आगजनी मामला—संचालकों पर FIR दर्ज, विशेष जांच टीम गठित


अंबिकापुर — अंबिकापुर स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुकेश पटाखा एजेंसी के संचालक मुकेश अग्रवाल एवं उनके करीबी रिश्तेदार प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर उनके पड़ोसी प्रफुल्ल पांडेय की शिकायत पर कोतवाली थाना में दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता प्रफुल्ल पांडेय के अनुसार, आगजनी की घटना में उनके मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घर का इंटीरियर पूरी तरह जल गया है तथा दीवारों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा बड़ी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण किया गया था, जिससे आग लगने पर भीषण विस्फोट हुए और आसपास के कई घर इसकी चपेट में आ गए।
कोतवाली पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 270 एवं 287 के तहत अपराध दर्ज किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष जांच टीम का गठन किया है, जिसमें एसडीएम, सीएसपी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह टीम 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
गौरतलब है कि घटना के 55 घंटे बाद भी भवन के भीतर आग सुलगती रही, जिससे तीन मंजिला इमारत अब भी जर्जर अवस्था में खतरनाक रूप से खड़ी है। आसपास के क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर की मांग की थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने मंत्री राजेश अग्रवाल के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने बिल्डिंग में पटाखे होने से इनकार किया था। कांग्रेस ने मंत्री पर व्यवसायी को बचाने का आरोप लगाया है।
वहीं, घटना के दौरान सामने आए वीडियो में बड़े पैमाने पर पटाखों के विस्फोट और स्काईशॉट फटते हुए स्पष्ट रूप से देखे गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
Author: Chhattisgarhiya News
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