Search
Close this search box.

41 हजार किसान अब भी धान बेचने से वंचित, 32.97 लाख क्विंटल धान शेष

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सरगुजा संभाग में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग तेज

41 हजार किसान अब भी धान बेचने से वंचित, 32.97 लाख क्विंटल धान शेष

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में इस वर्ष धान खरीदी की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। शासन द्वारा धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है, जबकि समय-सीमा समाप्त होने में अब मात्र दो दिन शेष हैं और अब तक 41 हजार से अधिक किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं। यदि खरीदी की अवधि नहीं बढ़ाई गई, तो हजारों किसान समर्थन मूल्य से वंचित हो सकते हैं।

वर्ष 2025-26 में सरगुजा संभाग के पांच जिलों—सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़—में कुल 2 लाख 21 हजार से अधिक किसान पंजीकृत हैं। इन किसानों द्वारा लगभग 2.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है। शासन ने संभाग के लिए 1.37 करोड़ क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य तय किया है।

अब तक की स्थिति चिंताजनक

29 जनवरी 2026 तक संभाग में केवल 1.11 करोड़ क्विंटल धान की ही खरीदी हो पाई है, जबकि लगभग 32.97 लाख क्विंटल धान अब भी शेष है। उठाव का औसत प्रतिशत मात्र 29.63 प्रतिशत है, जो प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सरगुजा जिला सबसे अधिक प्रभावित

सरगुजा जिले में कुल 60,832 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक केवल 49,727 किसान ही धान बेच पाए हैं। जिले में लगभग 19.27 लाख क्विंटल धान अभी भी खरीदी की प्रतीक्षा में है। इसी तरह बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़ जिलों में भी हजारों किसान टोकन के इंतजार में हैं।

टोकन वितरण बना बड़ी बाधा

संभाग के 203 उपार्जन केंद्रों में से कई केंद्रों पर टोकन वितरण बेहद धीमी गति से हो रहा है। 29 जनवरी तक केवल 8,840 टोकन ही जारी किए गए हैं, जिनमें मात्र 50,632 क्विंटल धान दर्शाया गया है, जो वास्तविक आवश्यकता की तुलना में बहुत कम है।

किसानों में बढ़ती चिंता

किसानों का कहना है कि उन्होंने शासन के भरोसे धान की खेती की थी, लेकिन खरीदी की अवधि समाप्त होने की स्थिति में उन्हें मजबूरी में धान औने-पौने दामों पर बेचने की नौबत आ सकती है। किसान संगठनों ने शासन से धान खरीदी की अवधि तत्काल बढ़ाने, टोकन वितरण में तेजी लाने और सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

सच्ची बात सिर्फ छत्तीसगढ़िया न्यूज़ के साथ

Leave a Comment

और पढ़ें