शासकीय प्राथमिक शाला घुटरा पारा बन रही सर्वांगीण शिक्षा का आदर्श केंद्र
बतौली / शिक्षा के सभी आयामों को समाहित करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला घुटरा पारा आज क्षेत्र में एक उदाहरण के रूप में उभर कर सामने आ रही है। विद्यालय में अध्ययनरत नव निहालों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानसिक, शारीरिक एवं व्यावहारिक रूप से परिपक्व बनाने की दिशा में सतत और सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्यालय में पदस्थ सभी शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के बेहतर कौशल विकास, अनुशासन और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत समर्पण के साथ कार्य किया जा रहा है। विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रेरणादायी बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों को सकारात्मक और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।
विद्यालय में पदस्थ शिक्षक सतीश मेशपाल ने बताया कि बच्चों में सृजनात्मकता और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय की दीवारों पर विभिन्न शैक्षणिक एवं कलात्मक चित्रकारी कराई गई है। इसके साथ ही बच्चों के खेलने हेतु स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण का निर्माण भी किया गया है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को शारीरिक स्वच्छता, कपड़ों की स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई के प्रति प्रतिदिन जागरूक किया जाता है। साथ ही अनुशासन और विद्यार्थी जीवन के प्रमुख दायित्वों को समझाते हुए उन्हें दैनिक जीवन में आत्मसात करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन दिया जाता है।
इन सभी प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शिक्षा, व्यवहार और व्यक्तित्व विकास पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। विद्यालय की यह कार्यशैली न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही है, बल्कि एक समृद्ध और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Author: Chhattisgarhiya News
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