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केरजू लेम्पस में फर्जी ऋण गबन का बड़ा मामला उजागर किसानों के

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केरजू लेम्पस में फर्जी ऋण गबन का बड़ा मामला उजागर

  1. किसानों के खातों से बिना सहमति निकाली गई लाखों की राशि

धान विक्रय की रकम से जबरन वसूली, किसान मानसिक प्रताड़ना के शिकार

सीतापुर (सरगुजा), छत्तीसगढ़ |आदिम जाति सेवा सहकारी समिति (लेम्पस) केरजू अंतर्गत किसानों के साथ बड़े पैमाने पर फर्जी ऋण गबन का गंभीर मामला सामने आया है। समिति के तात्कालीन प्रबंधक स्वर्गीय दिनेश गुप्ता के कार्यकाल में किसानों के खातों से बिना सहमति, बिना पासबुक और बिना विड्रॉल पर्ची के भारी मात्रा में ऋण आहरण किया गया, जिसकी भरपाई अब निर्दोष किसानों से कराई जा रही है।

लेम्पस केरजू अंतर्गत केरजू, कुनमेरा, ढोढागांव, बंशीपुर एवं हरदीसांड गांव शामिल हैं। वर्षों से किसान समिति के माध्यम से खाद-बीज एवं सीमित ऋण लेकर धान उपजाते और विक्रय करते रहे हैं।

विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों ने टोकन कटवाकर धान विक्रय किया, लेकिन जब किसान भुगतान लेने जिला सहकारी बैंक पेटला पहुँचे तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में भारी ऋण बकाया है — जबकि किसानों ने उतनी राशि का न तो ऋण लिया और न ही कोई दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए।

बिना पासबुक, बिना सहमति कैसे निकला ऋण?

किसानों का आरोप है कि उनके पास पासबुक मौजूद होने के बावजूद सहकारी बैंक पेटला द्वारा ऋण की राशि निकालकर सीधे तत्कालीन समिति प्रबंधक को सौंप दी गई। अब वही फर्जी ऋण किसानों के नाम पर चढ़ाकर धान विक्रय की राशि से जबरन वसूली की जा रही है।

ऋण सूची देने से इंकार, साजिश की आशंका

जब किसानों ने समिति कर्मचारियों से ऋण की सूची माँगी तो जानबूझकर आनाकानी की गई। सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही ताकि फर्जी ऋण का बोझ किसानों पर डालकर मामले को दबाया जा सके। कई किसानों से तो पूरी राशि वसूल भी की जा चुकी है, जबकि कई छोटे किसानों का ऋण धान बेचने के बाद भी नहीं पट पा रहा है। कई ऐसे किसान भी हैं जिन्होंने एक रुपया ऋण नहीं लिया, फिर भी उनके खाते में भारी बकाया दिखाया जा रहा है।

मानसिक प्रताड़ना, आत्महत्या की कगार पर किसान

इस पूरे घटनाक्रम से केरजू लेम्पस के सैकड़ों किसान मानसिक रूप से टूट चुके हैं। अपनी खून-पसीने की कमाई से उपजाए गए धान का पैसा न मिलना, उल्टा चोरों के गबन की भरपाई करना किसानों को आत्महत्या की ओर धकेल रहा है।

पूर्व खाद्य मंत्री के जनदरबार पर उठे सवाल

किसानों का सवाल है कि यदि नए सिस्टम से न्याय नहीं मिल पा रहा, तो पूर्व खाद्य मंत्री द्वारा लगाए गए जनदरबार का उद्देश्य क्या है?

क्या अन्नदाता की गाढ़ी कमाई पर कोऑपरेटिव बैंक के चोरों की चोट को कोई सुनेगा?

किसानों की मांग

पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि:

लेम्पस केरजू एवं जिला सहकारी बैंक पेटला के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए

दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई एवं संपत्ति कुर्की की जाए

फर्जी ऋण की पूरी राशि दोषियों से वसूल की जाए

किसानों पर थोपा गया अतिरिक्त ऋण तत्काल माफ किया जाए

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन एवं न्यायिक कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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