आंगनबाड़ी निर्माण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण
सरगुजा/बतौली। ग्राम पंचायत बटईकेला में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को लेकर कुछ व्यक्तियों द्वारा माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी तथा माननीय विधायक श्री रामकुमार टोप्पो जी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। यह प्रचार पूरी तरह निराधार, भ्रामक एवं तथ्यहीन है। जनहित में वास्तविक तथ्यों को स्पष्ट करना आवश्यक है।
तथ्य इस प्रकार हैं— संबंधित आंगनबाड़ी भवन का निर्माण पूर्णतः शासकीय भूमि पर किया जा रहा है। इसकी जांच तहसीलदार, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आर.आई.) द्वारा आपत्तिकर्ता की उपस्थिति में की जा चुकी है, जिसमें किसी भी प्रकार की निजी भूमि पर अतिक्रमण नहीं पाया गया है।
आपत्ति करने वाली महिला केवला बाई की निजी भूमि पूरी तरह सुरक्षित है। एक सेंटीमीटर भूमि भी नहीं ली गई है। बल्कि पंचायत द्वारा सीमा (मेड) हेतु शासकीय भूमि छोड़ी गई है।
केवला बाई ग्राम बटईकेला की बेटी हैं, जबकि उनका वर्तमान निवास महेशपुर में है तथा उनका नाम वहीं की मतदाता सूची में दर्ज है। उनके दिव्यांग बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें मायका एवं ससुराल दोनों पक्षों से भूमि प्राप्त है। यह भी स्पष्ट है कि वे उक्त शासकीय भूमि पर आश्रित नहीं हैं।
शासकीय परिसंपत्तियों, जैसे आंगनबाड़ी भवन, के निर्माण हेतु ग्राम पंचायत को शासकीय भूमि के उपयोग का वैधानिक अधिकार प्राप्त है।
यह तथ्य भी सामने आया है कि केवला बाई अपने दिव्यांग बच्चों को सामने रखकर उस शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास कर रही हैं, जिस पर आंगनबाड़ी का निर्माण विधिवत स्वीकृत प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा कराया जा रहा है, न कि माननीय विधायक अथवा माननीय मंत्री द्वारा। अतः इस प्रकरण से माननीय विधायक जी एवं माननीय मंत्री जी का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
आंगनबाड़ी निर्माण को लेकर फैलाया जा रहा विवाद पूरी तरह तथ्यहीन है और इसका उद्देश्य केवल माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं माननीय विधायक श्री रामकुमार टोप्पो को बदनाम करना प्रतीत होता है। यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
ग्राम पंचायत एवं प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी भवन का निर्माण 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य, सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने ही मोहल्ले में शिक्षा, पोषण एवं देखभाल की सुविधा सुलभ हो सके। एक बार चेक कराइए
Author: Chhattisgarhiya News
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