मैनपाट दौरे पर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुश्री जरिता लैतफलांग ने बॉक्साइट खनन प्रभावितों से की मुलाकात
मैनपाट, छत्तीसगढ़ – कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुश्री जरिता लैतफलांग ने आज मैनपाट का दौरा कर बॉक्साइट खनन से प्रभावित स्थानीय निवासियों से बैठक की। हाल ही में बिना पूर्व सूचना के पर्यावरण स्वीकृति सभा के दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच उत्पन्न विवाद को लेकर कांग्रेस ने पूरी गंभीरता दिखाई है।बॉक्साइट खदानों के खनन को लेकर राज्य के उत्तरी जिलों में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व भी बारीकी से देख रहा है। रायगढ़ के तमनार, परसोढ़ी कला के बाद मैनपाट में आयोजित इस बैठक में यह साफ हुआ कि स्थानीय जनता की मंशा के विपरीत खनन कंपनियों के मुनाफे के लिए सरकार अपने तंत्र का प्रयोग कर लोगों को बेदखल कर रही है।सभा को संबोधित करते हुए सुश्री जरिता लैतफलांग ने कहा, “सरगुजा में पांचवीं अनुसूची लागू है, ताकि आदिवासियों के जल, जंगल, और जमीन पर अधिकार कायम रह सकें। लेकिन छत्तीसगढ़ की वर्तमान भाजपा सरकार पूंजीपतियों के स्वार्थ में उनके अधिकारों को कमजोर कर रही है। कांग्रेस आपके साथ खड़ी है और विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी।”कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी होने के बावजूद पूंजीपतियों और निगमों द्वारा आदिवासियों की जमीन, जंगल और जल को लूटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है।सभा में मैनपाट के ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।लोकतांत्रिक संघर्ष का हिम्मतवाला प्रतिनिधि, बीएससी के छात्र फूलचंद मांझी ने भी कहा, “मैं हथियार उठाने की बात नहीं करता, मैं अपने आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ना चाहता हूं। खनन क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार नहीं है, खनन के बाद भूखंड जर्जर हो जाते हैं, जिससे स्थानीय लोग और मवेशी भी हताहत हो रहे हैं।”मुलाकात के अंत में कांग्रेस नेतृत्व ने मां कुदरगढ़ी अल्युमिनियम प्रायोजित खनन कंपनी के खिलाफ संगठित रूप से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
Author: Chhattisgarhiya News
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