कानफोड़ू डीजे की ध्वनि से आमजन परेशान; कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की मांग
बिलासपुर में शहर और ग्रामीण इलाकों में तेज और असंयमित डी.जे. ध्वनि प्रदूषण से आम जनता बेहद परेशान है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट सुरेश सिंह बैस ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर डी.जे. संचालकों द्वारा जारी निषेधाज्ञाओं की अनदेखी और ध्वनि प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता जाहिर की है।सुरेश सिंह बैस के अनुसार, हाल के विवाह, पार्टियों और आयोजनों में अत्यधिक तेज आवाज़ वाले डीजे सिस्टम से स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और बच्चों को गंभीर तकलीफें हो रही हैं। खास तौर पर जूना बिलासपुर, गोल बाजार, सदर बाजार, गांधी चौक, शिव टॉकीज चौक, गोडपारा और तेलीपारा जैसे भीड़भाड़ वाले और संकरी सड़कों वाले इलाकों में यह समस्या और बढ़ जाती है।रात्रि 10 बजे के बाद भी तेज ध्वनि प्रदूषण जारी रहने से लोगों की नींद, स्वास्थ्य एवं पढ़ाई प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों का मानना है कि निरंतर तेज आवाज़ सिर दर्द, तनाव, ब्लड प्रेशर तथा कानों की कमजोरी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। छात्रों ने भी बताया कि परीक्षा के समय डीजे की तेज आवाज़ उनके ध्यान में बाधा उत्पन्न कर रही है।सुरेश सिंह बैस ने कलेक्टर से मांग की है कि वे केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। वे रात्रि 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के डीजे या तेज ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।साथ ही, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 के तहत प्रभारित अधिकारियों को कड़ाई से नियम लागू करने का निर्देश दिया जाए ताकि नागरिकों को इस समस्या से जल्द राहत मिल सके।इस गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या को ध्यान में रखते हुए जनता उम्मीद करती है कि प्रशासन शीघ्र प्रभावी कदम उठाएगा और कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण कर बिलासपुर को एक स्वस्थ और शांत वातावरण प्रदान करेगा।
Author: Chhattisgarhiya News
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