वाटर एटीएम योजना बनी उपेक्षा का शिकार — बतौली बसस्टैंड का एटीएम कबाड़ में तब्दील
बतौली | सरगुजा | 07 नवम्बर 2025 शुद्ध और ठंडा पेयजल आम जनता को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई वाटर एटीएम स्कीम अब अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। नगर बतौली के बसस्टैंड परिसर में स्थापित वाटर एटीएम मशीन, जिसकी स्थापना पर लगभग ₹8.87 लाख की लागत आई थी, आज रखरखाव और जिम्मेदारी के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो चुकी है।
इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में लोगों को मात्र ₹1 प्रति लीटर की दर पर शुद्ध, ठंडा और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना था। शुरुआत में इस पहल को जनता ने सराहा भी था, लेकिन नियमित रखरखाव की कमी, प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण यह मशीन अब पूरी तरह बंद पड़ी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले यह एटीएम यात्रियों और राहगीरों के लिए बड़ी सुविधा थी, लेकिन लंबे समय से यह बंद है। पाइप, फिल्टर और मशीन के अन्य उपकरण जंग खा चुके हैं। न तो इसकी सफाई की जा रही है और न ही पानी की गुणवत्ता की जांच।
जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि जब एक मशीन पर लाखों रुपए खर्च किए गए, तो उसकी देखभाल और संचालन की जिम्मेदारी किसकी है?इस तरह की योजनाओं में जनता का पैसा लगने के बावजूद यदि रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तो वाटर एटीएम जैसी जनहित योजनाएँ भी विफल होकर भ्रष्टाचार का प्रतीक बन जाएँगी।
Author: Chhattisgarhiya News
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