सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ व धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने दी चेतावनी — चार सूत्रीय मांगें नहीं मानी गईं तो करेंगे धान खरीदी का बहिष्कार
कमिश्नर कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन
अंबिकापुर दिनांक अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर (पंजी. क्र. 6685) एवं छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी आपरेटर संघ रायपुर (पंजी. क्र. 122202149760) ने आज संयुक्त रूप से कमिश्नर कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी चार सूत्रीय लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर की सहकारी समितियाँ आगामी धान खरीदी कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ करेंगी।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियाँ एवं 2739 उपार्जन केंद्र राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में लगातार अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद, समितियों को उनके कार्यों के अनुरूप समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे समितियों एवं उनके कर्मचारियों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य मांगें एवं समस्याएँ:
1. मार्कफेड द्वारा धान परिवहन में देरी होने पर सुखा कमीशन, सुरक्षा व्यय एवं व्यथ कमीशन की राशि काटकर भुगतान किया जा रहा है।
2. मिलरों द्वारा धान उठाव में विलंब होने के बावजूद, पेनाल्टी राशि समिति को न देकर मार्कफेड स्वयं रख लेता है।
3. इससे समितियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है तथा कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।
4. इन परिस्थितियों में “सहकार से समृद्धि” का लक्ष्य असंभव होता जा रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री महोदय की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी बैठक में इन समस्याओं को विस्तार से रखा गया था। तत्पश्चात, 12 दिसंबर 2024 को माननीय अपर मुख्य सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 4-9/224/29-1 के माध्यम से वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था कि यदि खरीदी केंद्र में धान एक माह से अधिक समय तक शेष रहता है, तो समिति को सुखा राशि प्रदान की जाए।
परंतु, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उक्त निर्णय का क्रियान्वयन नहीं हुआ है, जिससे समितियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
संघ ने मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, सहकारिता मंत्री एवं वित्त मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि समितियों की चार सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय लिया जा सके।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो आगामी धान खरीदी सीजन से प्रदेशभर में समितियाँ कार्य बहिष्कार करेंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
Author: Chhattisgarhiya News
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