समिति प्रबंधकों के नाम पर गड़बड़ी का मामला, पीड़ित ने की निष्पक्ष जांच की मांग
अंबिकापुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर द्वारा वर्ष 2013-14 में जारी दस्तावेजों और 2018 में दर्ज प्रकरणों में गंभीर विरोधाभास सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, 12 सितम्बर 2013 को जारी पत्र में धान शॉर्टेज की वसूली योग्य राशि क्रमांक 19 पर बरगीडीह समिति प्रबंधक मोहम्मद मुस्लिम के नाम पर ₹28,07,928 तथा क्रमांक 26 पर सहकारी समिति वंदना के हरीभंजन दास के नाम पर ₹8,42,334 अंकित की गई थी।
वहीं 2018 में सहकारी विभाग के निरीक्षक बी.आर. पैकरा द्वारा दर्ज प्रकरण में विपणन वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 के लिए हरीभंजन दास के नाम पर ₹27,03,516 दर्शाई गई है। यह राशि पूर्व में जारी पत्र की राशि से मेल नहीं खाती। इतना ही नहीं, मुख्यालय द्वारा जारी पत्र में समिति प्रबंधक मोहम्मद मुस्लिम का नाम उल्लेखित है जबकि दर्ज प्रकरण में हरीभंजन दास का नाम है। यह स्पष्ट रूप से बड़े स्तर पर गड़बड़ी का संकेत देता है।
पीड़ित समिति प्रबंधक के पुत्र प्रदीप मिश्रा ने बताया कि उनके पिताजी के नाम पर भी ₹4,00,000 की राशि अंकित की गई है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित समिति से कई बार दस्तावेजों की मांग की, लेकिन अब तक कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। जांच अधिकारी से पूछने पर बताया गया कि जो दस्तावेज डीएमओ कार्यालय से उपलब्ध कराए गए, उन्हीं के आधार पर प्रकरण दर्ज हुआ है।
इस पूरे मामले में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की आशंका जताते हुए प्रदीप मिश्रा ने थाना बतौली में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और सभी दस्तावेजों की चरित्र जांच की मांग की है, ताकि न्यायालय में सही तरीके से जवाब-दावा प्रस्तुत किया जा सके।
Author: Chhattisgarhiya News
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