पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कांग्रेस की दिल्ली बैठक में सरगुजा के आदिवासियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया
नई दिल्ली।
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री अमरजीत भगत ने दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक में सरगुजा अंचल के आदिवासियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को मुखरता से रखा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष बैठक में देशभर के आदिवासी नेताओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें आदिवासियों की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्थिति पर चर्चा की गई।
श्री भगत ने सीतापुर विधानसभा अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थल “मैनपाट” का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और आदिवासी जीवनशैली पर माइनिंग गतिविधियों से प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनिंग के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है और 21वीं सदी में विकास की बजाय आदिवासियों को पाषाण युग की ओर धकेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के जंगलों में पाए जाने वाले महुआ, इमली, चार (चिरौंजी) जैसे पेड़ आदिवासियों की आय और पारंपरिक जीवनशैली का आधार रहे हैं। लेकिन माइनिंग के माध्यम से इस प्राकृतिक प्रणाली को तहस-नहस किया जा रहा है।
श्री भगत ने यह भी आरोप लगाया कि माइनिंग कंपनियों द्वारा CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) के तहत शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने की बजाय क्षेत्र को अवैध खनन का गढ़ बना दिया गया है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रशासन द्वारा इस संबंध में कुछ कार्रवाई अवश्य की गई है, लेकिन यह प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि माइनिंग पर रोक लगाई जाए, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए, और आदिवासी समुदाय के जीवन एवं आजीविका को बचाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
अंत में उन्होंने राहुल गांधी जी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने देशभर के आदिवासी नेताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं समझने का प्रयास किया और उम्मीद जताई कि कांग्रेस पार्टी आने वाले समय में आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती से लड़ेगी।
Author: Chhattisgarhiya News
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