मृत व्यक्ति के नाम पर मनरेगा में फर्जी डबरी निर्माण मामल
ग्राम पंचायत बेलजोरा, जंगलपारा में मनरेगा योजना के तहत एक मृत व्यक्ति के नाम से फर्जी तरीके से डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत कराए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर अनियमितता में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत नियुक्त आवास मित्र की संलिप्तता बताई जा रही है।
मामले का विवरण:
मृतक सुखनाथ नागवंशी के पुत्र रामकुमार ने आरोप लगाया है कि उनके पिता, जिनकी मृत्यु तीन वर्ष पूर्व हो चुकी थी, के नाम पर 2024-25 में मनरेगा योजना के तहत डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ। रामकुमार के अनुसार, न तो परिवार को इस स्वीकृति की जानकारी थी, न ही उन्होंने इस योजना के लिए कोई आवेदन किया था।
डबरी निर्माण कार्य परिवार की इच्छा के विरुद्ध पूर्ण कर दिया गया, जिससे उनकी उपयोगी जमीन बेकार हो गई। रामकुमार ने बताया कि आवास मित्र ने फर्जी तरीके से मृतक को जीवित दिखाकर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत कराया और अपने निजी लाभ के लिए इस घोटाले को अंजाम दिया।
डबरी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल:
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण कार्य में मापदंडों का पालन नहीं किया गया। पहले से मौजूद गड्ढे को चौड़ा कर मिट्टी पाटकर ऊँचा दिखाया गया, जिससे डबरी निर्माण की वैधता और गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, श्रीमती खुशबू शास्त्री ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
प्रभावित परिवार का बयान:
पीड़ित परिवार ने इस घोटाले से गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि आवास मित्र ने उनके भोलेपन का फायदा उठाकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष:
यह मामला न केवल मनरेगा योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आवास मित्र की भूमिका की भी गहन समीक्षा की आवश्यकता को दर्शाता है। जांच के परिणामों से उम्मीद है कि दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा और ऐसी अनियमितताओं पर लगाम लगाई जाएगी।
Author: Chhattisgarhiya News
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