बतौली / सरगुजा जिले के विकासखंड बतौली के ग्राम पंचायत सेदम के ग्रामीण प्रशासनिक उपेक्षा से त्रस्त ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करने का निर्णय लिया। पुल के ऊपर से आवागमन हेतु मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शासन और पंचायत को कई बार ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पहली बारिश में पुल के आसपास की स्थिति बेहद खराब हो गई, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन और ग्राम पंचायत की उदासीनता से निराश ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से पुल के ऊपर जाने के लिए मार्ग का निर्माण स्वयं ही कर डाला।
ग्रामीणों की मांग और उदासीनता का परिणाम:
ग्रामीणों का कहना है कि पुल और सड़क निर्माण की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी।
बार-बार शिकायतों के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई।
पहली बारिश में जलभराव और कीचड़ से आवागमन लगभग असंभव हो गया।
ग्रामीणों की पहल:
सामूहिक श्रमदान के जरिए ग्रामीणों ने पुल के ऊपर अस्थायी मार्ग का निर्माण किया।
इस कार्य में गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी ने सहयोग दिया।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि उनकी इस स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों का संकल्प:
“हम अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अपने बलबूते पर समाधान भी करेंगे।”
Author: Chhattisgarhiya News
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