

खड़गवां, बतौली, सोनहत और घरघोड़ा विकासखंड हुए ‘टीबी मुक्त’
रायपुर/सरगुजा, 01 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित कड़े मानकों को पूरा करने पर प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां, सरगुजा जिले के बतौली, कोरिया जिले के सोनहत और रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड को ‘टीबी मुक्त विकासखंड’ के रूप में मान्यता मिली है।
टीबी मुक्त विकासखंड का दर्जा केवल टीबी मरीजों की संख्या कम होने के आधार पर नहीं दिया जाता। इसके लिए संबंधित क्षेत्र में टीबी की जांच, मरीजों की पहचान, उपचार की सफलता और पोषण सहायता सहित निर्धारित मानकों को पूरा करना आवश्यक होता है।
भारत सरकार के निर्धारित मापदंडों के अनुसार—
प्रति 1,000 आबादी पर कम से कम 30 लोगों की टीबी जांच होना आवश्यक है।
प्रति 1,000 से अधिक आबादी पर एक या उससे कम टीबी केस नोटिफिकेशन होना चाहिए।
टीबी मरीजों की 90 प्रतिशत या उससे अधिक उपचार सफलता दर सुनिश्चित होना जरूरी है।
टीबी मरीजों को 100 प्रतिशत न्यूट्रिशन सपोर्ट उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
इन सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा करने के बाद ही किसी विकासखंड को टीबी मुक्त घोषित किया जाता है।
खड़गवां, बतौली, सोनहत और घरघोड़ा विकासखंड ने इन सभी निर्धारित मानकों को पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि संबंधित स्वास्थ्य विभाग, मैदानी स्वास्थ्य अमले और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों के प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
टीबी मुक्त विकासखंड की यह उपलब्धि प्रदेश में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने और समुदाय को टीबी के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Author: Chhattisgarhiya News
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