Search
Close this search box.

“आंदोलन या हड़ताल की आवश्यकता नहीं, मैं स्वयं दूंगा गिरफ्तारी” — विधायक रामकुमार टोप्पो

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

“आंदोलन या हड़ताल की आवश्यकता नहीं, मैं स्वयं दूंगा गिरफ्तारी” — विधायक रामकुमार टोप्पो

सीतापुर/अम्बिकापुर राजापुर उप तहसील में बीते दिनों हुए विवाद को लेकर आज राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया, जब विधायक रामकुमार टोप्पो ने अधिकारी-कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तावित आंदोलन एवं हड़ताल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार के आंदोलन, हड़ताल या उग्र प्रदर्शन की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे स्वयं कानून का सम्मान करते हुए गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।

विधायक ने कहा कि वे सुशासन की सरकार का पूर्ण सम्मान करते हैं तथा भारतीय संविधान और कानून व्यवस्था के प्रति उनकी पूर्ण निष्ठा है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर बिना समुचित विवेचना केवल आरोपों के आधार पर गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है, फिर भी वे कानून का सम्मान करते हुए स्वयं गिरफ्तारी देने जाएंगे।

अपने पक्ष को सार्वजनिक रूप से रखने के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो अंबिकापुर से आईजी कार्यालय की ओर रवाना हुए। जैसे ही कार्यकर्ताओं को विधायक के गिरफ्तारी देने जाने की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पहले कराबेल के पास समर्थकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन विधायक आगे बढ़ते रहे। बाद में मंगारी के पास महिला कार्यकर्ताओं ने भावुक होकर उन्हें घेर लिया और जबरदस्ती वापस सीतापुर की ओर ले आईं।

इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा दिया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिना निष्पक्ष विवेचना के विधायक पर गैर-जमानती धाराओं में अपराध पंजीबद्ध करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं दूसरी ओर, महिला सम्मान के मुद्दे को उठाते हुए कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी की गिरफ्तारी एवं बर्खास्तगी की मांग तेज कर दी है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि संबंधित अधिकारी की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं और विधायक द्वारा भी प्रशासन को पूर्व में अवगत कराया गया था कि उन्हें विधानसभा क्षेत्र से हटाया जाए, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया जा रहा है कि प्रशासनिक हठधर्मिता और अहंकारी रवैये के कारण ही आज यह विवाद प्रदेशव्यापी चर्चा का विषय बन गया है।

समर्थकों ने यह भी कहा कि यदि मामला केवल एक हस्ताक्षर का था, तो जनप्रतिनिधि और उनके परिवार के सम्मान को देखते हुए संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी। लेकिन कथित प्रशासनिक व्यवहार और टकरावपूर्ण रवैये ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया।

विधायक समर्थकों और विभिन्न संगठनों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे किसी भी परिस्थिति में विधायक की गिरफ्तारी स्वीकार नहीं करेंगे और निष्पक्ष विवेचना के बाद ही किसी कार्रवाई को उचित मानेंगे। साथ ही, नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।

सीतापुर क्षेत्र में कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम, प्रदर्शन और नारेबाजी की जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें शासन और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील मामले को किस प्रकार संभालते हैं तथा बढ़ते जनआक्रोश के बीच शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में कितने सफल हो पाते हैं।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

सच्ची बात सिर्फ छत्तीसगढ़िया न्यूज़ के साथ

Leave a Comment

और पढ़ें