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प्रधानमंत्री जन मन सड़क योजना बनी वरदान, पहुँचविहीन गांवों तक पहुंची सड़क — अब राह हुई आसान 

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प्रधानमंत्री जन मन सड़क योजना बनी वरदान, पहुँचविहीन गांवों तक पहुंची सड़क — अब राह हुई आसान

राष्ट्रीय राजमार्ग 43 से सेदम होते हुए “छत्तीसगढ़ का शिमला” मैनपाट अब मात्र 13 किलोमीटर दूर

बतौली/सरगुजा।

आजादी के 77 वर्षों बाद भी पहुँचविहीनता का दंश झेल रहे सरगुजा जिले के दूरस्थ और दुर्गम गांवों के लिए प्रधानमंत्री जन मन सड़क योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। जिन गांवों तक कभी केवल पगडंडी और पथरीले रास्तों से ही पहुंचा जा सकता था, वहां अब पक्की सड़क बनने से चार पहिया वाहन आसानी से पहुंच रहे हैं और ग्रामीणों का जीवन तेजी से बदल रहा है।

बतौली विकासखंड के कई ऐसे गांव थे जहां ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। बीमार मरीजों को खाट में उठाकर 108 एवं 112 वाहनों तक पहुंचाना ग्रामीणों की मजबूरी थी। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं तक पहुंचने में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

लेकिन अब प्रधानमंत्री जन मन सड़क योजना के तहत बनी पक्की सड़कें ग्रामीणों के लिए राहत और विकास का माध्यम बन गई हैं। गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली ये सड़कें लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं।

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र भी ब्लॉक मुख्यालय से जुड़े

केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन मन सड़क योजना के तहत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से सड़क निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। सड़क बनने से जहां पहले घंटों पैदल चलना पड़ता था, अब वही दूरी कुछ ही मिनटों में तय हो रही है।

ग्रामीणों को अस्पताल, शिक्षा, खेती-किसानी और बाजार तक पहुंचने में काफी सुविधा मिल रही है। योजना के तहत नकना से जोबलापारा, सरमना से कोईलारढोंडी, बाषाझाल से कदमहुआ, पहाड़ चिरगा से बिसरपानी तथा कदनई से समनिया तक पक्की सड़कें बनाई गई हैं। इससे ग्रामीणों का जुड़ाव ब्लॉक मुख्यालय और राष्ट्रीय राजमार्ग से मजबूत हुआ है।

मैनपाट पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

बिजलहवा से मड़वासई तक बनी जन मन सड़क ने पर्यटन की दृष्टि से भी नई संभावनाएं खोल दी हैं। यह सड़क मैनपाट पर्यटन क्षेत्र को सेदम दालधोवा जलप्रपात से जोड़ने का कार्य कर रही है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग 43 से सेदम होते हुए “छत्तीसगढ़ का शिमला” कहलाने वाला मैनपाट मात्र 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने जताई खुशी, मजबूत सड़क निर्माण की मांग

लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित ग्रामीणों के चेहरे पर अब खुशी देखने को मिल रही है। पक्की सड़क बनने से दैनिक उपयोग की वस्तुएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं और आवागमन सुगम हुआ है। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य को और मजबूत एवं टिकाऊ बनाए जाने की मांग भी की है, ताकि आने वाले वर्षों तक लोगों को बेहतर सुविधा मिलती रहे।

जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता — विकास कौशिक

पीएम जन मन योजना के ईई अधिकारी विकास कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से प्राथमिकता के साथ सड़क निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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