24 मई को दिल्ली में होगी आदिवासी समाज की “महा गर्जना रैली”
डीलिस्टिंग की मांग को लेकर देशभर से जुटेंगे हजारों आदिवासी समाज के लोग
अंबिकापुर/सरगुजा, 23 मई 2026। देशभर में आदिवासी समाज अपने मूल अधिकारों, सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक संरक्षण को लेकर अब एकजुट होता नजर आ रहा है। इसी क्रम में 24 मई को राजधानी दिल्ली में आदिवासी समाज द्वारा विशाल “महा गर्जना रैली” का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे। सरगुजा संभाग से भी लगभग 5 हजार लोगों के दिल्ली पहुंचने की तैयारी की गई है।
रैली का मुख्य उद्देश्य डीलिस्टिंग की मांग को लेकर केंद्र सरकार तक आदिवासी समाज की आवाज पहुंचाना है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि जो लोग आदिवासी समाज से अन्य धर्मों में परिवर्तित हो जाते हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि आदिवासी पहचान केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि उनकी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज, सामाजिक व्यवस्था और जीवनशैली से जुड़ी हुई है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अन्य धर्म स्वीकार करता है, तो उसे अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर किए जाने पर केंद्र सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।
आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी धर्म विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के मूल अधिकारों और संवैधानिक संरक्षण को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर किया जा रहा है। रैली के माध्यम से केंद्र सरकार से डीलिस्टिंग के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने और स्पष्ट नीति लागू करने की मांग की जाएगी।
दिल्ली में आयोजित होने वाली इस महा गर्जना रैली को लेकर आदिवासी समाज में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। गांव-गांव से लोग दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। समाज के नेताओं का दावा है कि यह रैली आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में एक बड़ा संदेश देने का कार्य करेगी।
Author: Chhattisgarhiya News
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