अमेरा खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने लिया संज्ञान
अम्बिकापुर। अमेरा खदान के विस्तार को लेकर गुरुवार को परसोढीकला गांव में जिले के ग्रामीणों और पुलिस के बीच संघर्ष हो गया। इस घटना के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव के निर्देशानुसार कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी का एक दल प्रभावित गांव परसोढीकला पहुंचा और ग्रामीणों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया।ग्रामीणों ने कांग्रेस दल को बताया कि उनकी जमीन का जबरन अधिग्रहण कोल बेयरिंग एक्ट के तहत बिना उनकी सहमति के किया गया है। मुआवजा भी 2016 की कीमतों पर निर्धारित किया गया, जो असंतोषजनक है। साथ ही, उन्हें नौकरी का वादा भी जमीन बदले में किया गया था, परन्तु एसईसीएल की ओर से इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया।बुधवार को हुए संघर्ष में करीब 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 7 महिलाएं और एक नाबालिग भी शामिल हैं। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि विरोध में शामिल नहीं होने वाले लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।कांग्रेस जांच दल ने पाया कि उत्खनन के लिए जमीन के चारों ओर नालियां खोदकर सीमांकन कर दिया गया है और भविष्य में खदान का विस्तार पूरे परसोढीकला गांव में किया जाना है, जिससे ग्रामीणों का विस्थापन हो सकता है।जमीन अधिग्रहण के खिलाफ ग्रामीणों में प्रशासन के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश और निराशा है। महिलाओं ने राष्ट्रीय और स्थानीय सरकार से विनती की है कि उनकी जमीन और घरों को उजाड़ा न जाए, भले ही अन्य सहायता कार्यक्रम बंद क्यों न हों।जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि यह मामला न्यायालय में जाएगा और पूरे गांव की एकजुटता जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाये रखने का आग्रह किया और प्रशासन से भी संवेदनशीलता तथा गिरफ्तार व्यक्तियों की रिहाई की मांग की।पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने खनन के नाम पर स्थानीय लोगों के साथ हो रही अन्यायपूर्ण हरकतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का ध्यान आमजन के हित से हटकर पूंजीपतियों के हित में दिखाई दे रहा है।इस अवसर पर अम्बिकापुर से विक्रमादित्य सिंह, ग्रामीण कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी कांग्रेस जांच दल का साथ दिया।पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए कहा है कि “सरकार जिनकी प्रतिनिधि है, वह उन्हीं पर लाठियां बरसा रही है। यह गुजरात मॉडल का परिणाम है, जो स्थानीय समुदायों की अनदेखी करता है। हमारी सरकार का कर्तव्य जनता की रक्षा करना है न कि उनके संघर्ष को दबाना। छत्तीसगढ़ के लोगों के हक, जमीन और भविष्य की रक्षा की जाएगी।”
Author: Chhattisgarhiya News
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