विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही से अधूरा पड़ा धान उपार्जन केंद्र का गोदाम, बीरबल की खिचड़ी बना निर्माण कार्य
बतौली/ सरगुजा जिले के अंतर्गत विकासखंड बतौली में स्थापित किया जा रहा धान उपार्जन केंद्र खडधोवा विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही का शिकार हो चुका है। वर्ष 2022-23 में शासन द्वारा 26.91 लाख रुपये की लागत से 500 मेट्रिक टन क्षमता वाले धान भंडारण गोदाम का निर्माण कार्य शुरू किया गया था मंडी बोर्ड के द्वारा कराया जाना था। जिसका उद्देश्य धान की सुचारु रूप से खरीदी, रखरखाव और संग्रहण को सुनिश्चित करना था।
किन्तु यह निर्माण कार्य वर्षों बाद भी अधूरा पड़ा है। ठेकेदार द्वारा बिल्डिंग के बाहरी हिस्से को रंग पेंट कर केवल औपचारिकता निभा दी गई है। सुरक्षा हेतु लगाए जाने वाले शूटर का कार्य भी अधूरा है। वहीं परिसर का पक्का फर्श (कंक्रीट युक्त निर्माण) भी अभी तक नहीं किया गया है, जिससे उपार्जन केंद्र में किसी भी प्रकार का संचालन करना असंभव हो गया है।
विभाग द्वारा कई बार संबंधित ठेकेदार को पत्र और दूरभाष के माध्यम से कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, लेकिन न तो ठेकेदार ने और न ही विभाग ने कोई ठोस पहल की है। ऐसे में आगामी अक्टूबर-नवंबर से संभावित धान खरीदी सत्र को देखते हुए यह लापरवाही चिंता का विषय है।
यदि गोदाम निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण नहीं होता है, तो निश्चित रूप से आने वाले उपार्जन सत्र में धान खरीदी और भंडारण कार्य बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण कर उपार्जन केंद्र को चालू स्थिति में लाया जाए, ताकि समय पर धान खरीदी सुनिश्चित हो सके।
Author: Chhattisgarhiya News
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