

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं भ्रामक सामग्री के विरुद्ध नागरिक सुरक्षा मंच ने सौंपा ज्ञापन
48 घंटे में शिकायतों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
अम्बिकापुर। सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से आपत्तिजनक, अश्लील, मानहानिकारक एवं भ्रामक सामग्री के प्रसार तथा इससे सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच ने पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
मंच ने ज्ञापन में अकील अहमद अंसारी सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न थानों में पूर्व में प्रस्तुत शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर, यदि जांच में संज्ञेय अपराध के तत्व पाए जाते हैं तो कानून के प्रावधानों के अनुसार 48 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मंच ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित विवादित पोस्ट, वीडियो, फोटो, कमेंट, शेयर एवं अन्य डिजिटल सामग्री की जांच कर डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट एवं पेज संचालकों की पहचान करने तथा मामले में साइबर अपराध से जुड़े पहलुओं की भी जांच करने की मांग की है।
ज्ञापन में मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित करने, आवश्यकता होने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच कराने तथा कथित रूप से इस गतिविधि में जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने की मांग भी की गई है। मंच ने किसी व्यक्ति पर आरोप को स्वतः अपराध सिद्ध नहीं मानते हुए, सभी आरोपों की जांच निष्पक्ष एवं साक्ष्य आधारित तरीके से किए जाने पर जोर दिया।
नागरिक सुरक्षा मंच ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जाति, वर्ग या समुदाय के बीच वैमनस्य अथवा तनाव उत्पन्न करने वाले किसी भी प्रयास को कानून के दायरे में गंभीरता से लिया जाना चाहिए। मंच ने जिला प्रशासन के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक आयोजित कर सामाजिक समरसता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की है।
मंच ने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर प्रस्तुत शिकायतों पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से क्रमिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। मंच ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि प्रशासन का ध्यान शिकायतों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की ओर आकर्षित करना होगा।
नागरिक सुरक्षा मंच ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, समूह या समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अम्बिकापुर में शांति, सामाजिक समरसता, कानून-व्यवस्था और नागरिकों के विश्वास की रक्षा करना है। मंच ने प्रशासन से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई तथा निर्दोष पाए जाने वाले व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न किए जाने की मांग की है।
Author: Chhattisgarhiya News
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