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छात्रावास के बाहर पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध का नोटिस तत्काल हटाया जाए – सुरेंद्र कुमार गुप्ता

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छात्रावास के बाहर पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध का नोटिस तत्काल हटाया जाए – सुरेंद्र कुमार गुप्ता

अंबिकापुर/सरगुजा। जिले के एक छात्रावास के बाहर लगाए गए उस नोटिस को लेकर पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिसमें सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी पत्रकार या मीडियाकर्मी के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा उल्लंघन की स्थिति में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

श्रमजीवी कल्याण पत्रकार संघ, सरगुजा के जिला अध्यक्ष श्री सुरेंद्र गुप्ता ने उक्त नोटिस को लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रेस की स्वतंत्रता एवं संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा कोई वैधानिक आदेश जारी किया गया है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। यदि ऐसा कोई आदेश मौजूद नहीं है, तो संबंधित नोटिस को तत्काल हटाकर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रेस को समाचार संकलन एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। वहीं अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता का अधिकार प्रदान करता है। केवल पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों को निशाना बनाकर किसी सरकारी या सार्वजनिक संस्थान में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

श्री गुप्ता ने यह भी कहा कि नोटिस में भारतीय दंड संहिता की जिन धाराओं का उल्लेख किया गया है, उनका सामान्य पत्रकारिता कार्य या समाचार संकलन से सीधा संबंध नहीं है। बिना उचित कानूनी आधार के ऐसी धाराओं का उल्लेख कर पत्रकारों को भयभीत करने का प्रयास उचित नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावास, विशेषकर बालिका छात्रावासों की सुरक्षा एवं छात्राओं की निजता सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से प्रवेश संबंधी उचित नियम, समय-सीमा एवं अनुमति प्रक्रिया निर्धारित कर सकता है, किंतु केवल मीडिया को लक्षित कर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं कहा जा सकता।

श्रमजीवी कल्याण पत्रकार संघ ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नोटिस की वैधता सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि नोटिस नहीं हटाया गया और स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो जिले के पत्रकार लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में व्यापक विरोध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर मामले को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया तथा न्यायालय के समक्ष भी उठाया जाएगा।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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