SBI कार्ड के नाम पर कथित ऑनलाइन फ्रॉड का मामला, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
बतौली / एक उपभोक्ता ने अपने नाम पर कथित ऑनलाइन फ्रॉड और संदिग्ध बैंकिंग लेन-देन का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक सरगुजा को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं राशि वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2025 में बिना एसबीआई कार्ड नंबर, बिना पिन जनरेट किए तथा बिना कार्ड सक्रिय हुए ही उसके नाम पर ऑनलाइन लेन-देन किया गया। पीड़ित का कहना है कि उस समय एसबीआई कार्ड विभाग से प्राप्त जानकारी में इसे फ्रॉड बताते हुए ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई थी।
पीड़ित के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 को भारतीय स्टेट बैंक की बतौली शाखा में बचत खाते की जांच कराने पर बताया गया कि उसके खाते में कोई एसबीआई कार्ड सक्रिय नहीं है। इसके बावजूद 1 अक्टूबर 2025 को उसके बचत खाते से 22,760 रुपये स्वतः ट्रांसफर हो गए। इस संबंध में एसबीआई कार्ड विभाग से संपर्क करने पर पहले राशि वापस कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में कथित रूप से अप्रैल 2025 में किसी अन्य एसबीआई कार्ड से जुड़े लेन-देन का हवाला देकर भुगतान करने का दबाव बनाया जाने लगा।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2026 में मुख्य शाखा अम्बिकापुर में संपर्क करने पर एसबीआई कार्ड सिस्टम में उसका मोबाइल नंबर और पैन नंबर दर्ज नहीं होने की जानकारी मिली। बाद में विवरण दर्ज होने के पश्चात स्टेटमेंट उपलब्ध कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि 22 अप्रैल 2026 से व्हाट्सएप नंबर 8750021453 एवं 8377979917 से लगातार कॉल और संदेश भेजकर 55-56 हजार रुपये जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति स्वयं को सरपंच बताता है लेकिन गांव की जानकारी नहीं देता तथा कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग कर भुगतान के लिए धमकी देता है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि—
संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की साइबर जांच कराई जाए।
1 अक्टूबर 2025 को खाते से काटे गए 22,760 रुपये (बाईस हजार सात सौ साठ रुपये मात्र) वापस दिलाए जाएं।
संबंधित मोबाइल नंबरों की पहचान कर उनके आधार, बैंक खाते एवं उपयोगकर्ताओं की जांच की जाए।
भविष्य में उसके मोबाइल नंबर का किसी भी प्रकार के अवैध लेन-देन में दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पीड़ित का कहना है कि लगातार मिल रही कॉल और संदेशों के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रहा है तथा उसे आशंका है कि उसका मोबाइल नंबर हैक या दुरुपयोग का शिकार हो सकता है। उसने मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
Author: Chhattisgarhiya News
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