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लूंड्रा में वर्षों से जमे RES SDO पर उठे सवाल, ट्रांसफर नीति पर खड़े हुए बड़े प्रश्न

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लूंड्रा में वर्षों से जमे RES SDO पर उठे सवाल, ट्रांसफर नीति पर खड़े हुए बड़े प्रश्न

सरगुजा / छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा प्रशासनिक पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस की नीति की बात लगातार कही जाती रही है। वर्तमान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के पास है, जो अपने सख्त प्रशासनिक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन सरगुजा जिले के लूंड्रा जनपद में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग का एक मामला इन दावों पर सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है।

जानकारी के अनुसार RES विभाग के एक SDO 1 अगस्त 2016 से लगातार लूंड्रा में ही पदस्थ हैं। यानी लगभग 9–10 वर्षों से एक ही स्थान पर उनकी पोस्टिंग बनी हुई है। सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के तहत शासन समय-समय पर अधिकारियों का ट्रांसफर और फेरबदल करता है, ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। आम तौर पर किसी भी अधिकारी को एक ही स्थान पर 2 से 3 वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ नहीं रखा जाता।

ऐसे में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतने लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना क्यों बनी हुई है। क्या RES विभाग में ट्रांसफर नीति लागू नहीं होती? क्या किसी विशेष आदेश के तहत उन्हें यहां पदस्थ रखा गया है, या फिर उन्हें किसी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?

इस मामले में जब RES विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) सरगुजा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह विषय शासन स्तर से संबंधित है। उनका कहना था कि समय-समय पर शासन से यह जानकारी मांगी जाती है कि कौन-कौन से अधिकारी एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ हैं, जिसकी जानकारी विभाग द्वारा भेजी जाती है।

इसके बावजूद लूंड्रा में पदस्थ उक्त RES SDO का अब तक ट्रांसफर नहीं होना कई तरह के सवाल खड़े करता है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि संबंधित अधिकारी की सेवा का अंतिम समय भी लूंड्रा में ही पूरा हो जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासनिक नियम सभी अधिकारियों के लिए समान हैं या कुछ मामलों में अलग व्यवस्था लागू होती है। लूंड्रा में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ RES SDO का यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और ट्रांसफर नीति दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता नजर आ रहा है।

अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग इस मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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