मांड नदी के बाद अब मैनी नदी पर रेत माफियाओं की नजर
जेसीबी मशीन से धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन
सरगुजा।क्षेत्र में रेत खनन हेतु बनाए गए नियम-कायदों को ताक पर रखकर रेत माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन एवं परिवहन किया जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मांड नदी का वर्षों से अंधाधुंध दोहन करने के बाद अब रेत माफियाओं ने मैनी नदी को अपना नया ठिकाना बना लिया है, जहाँ जेसीबी मशीन लगाकर खुलेआम रेत का अवैध खनन किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रेत माफिया नदी-नालों से रेत निकालकर हाइवा जैसे भारी वाहनों में भरकर दिनदहाड़े परिवहन कर रहे हैं। पहले जहाँ रेत का परिवहन चोरी-छिपे रात में किया जाता था, वहीं अब प्रशासनिक ढिलाई और खनिज विभाग की निष्क्रियता के चलते माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे बेखौफ होकर दिन के उजाले में अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
मुख्यालय से सटे ग्राम भिठुवा, केसला, मंगरेलगढ़, नावाटोली, प्रतापगढ़, ढेलसरा, काराबेल एवं महारानीपुर से होकर बहने वाली मांड नदी बीते नौ वर्षों से रेत माफियाओं का अड्डा बनी हुई है। निरंतर हो रहे अवैध खनन से मांड नदी का स्वरूप तेजी से बदलता जा रहा है, जिससे नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अवैध खनन के कारण नदी के भीतर जगह-जगह गहरे और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, जो विशेषकर बरसात के मौसम में बड़े हादसों को न्योता दे सकते हैं। इसके अलावा, अत्यधिक और बेतरतीब खनन से भूजल स्तर भी तेजी से गिर रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मांड नदी का सीना छलनी करने के बाद अब रेत माफियाओं ने सरगुजा जिले की सीमा से लगे ग्राम सरगा से होकर बहने वाली मैनी नदी को निशाना बनाया है। बीते कई दिनों से यहाँ जेसीबी मशीन लगाकर अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है। खनन उपरांत रेत को हाइवा वाहनों के माध्यम से जशपुर, सरगुजा तथा पड़ोसी राज्यों तक खपाया जा रहा है।
इस अवैध कारोबार से एक ओर जहाँ रेत माफिया मोटी कमाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शासन को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि सब कुछ जानते हुए भी संबंधित प्रशासनिक अमला और खनिज विभाग अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मांड एवं मैनी नदियों में हो रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, दोषी रेत माफियाओं के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएँ तथा जेसीबी मशीनों व हाइवा वाहनों को जब्त कर अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाई जाए, ताकि पर्यावरण संतुलन, जल स्रोतों की सुरक्षा एवं जनहित सुनिश्चित हो सके।
Author: Chhattisgarhiya News
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