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संविधान, सद्भाव और सामाजिक न्याय ही भारत की आत्मा : टी.एस. सिंहदेव

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संविधान, सद्भाव और सामाजिक न्याय ही भारत की आत्मा : टी.एस. सिंहदेव

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने नववर्ष 2026 के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए एक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि भारत की मूल आत्मा सर्वधर्म समभाव, सहिष्णुता और सामाजिक समरसता में निहित है, और यही हमारे संविधान की भी मूल भावना है।

श्री सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2025 सामाजिक चेतना के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा, विशेषकर आदिवासी अंचलों में बढ़ते वैमनस्य और टकराव की घटनाएँ छत्तीसगढ़ की शांति-प्रिय परंपरा के विपरीत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह वक्तव्य किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एक संवैधानिक नागरिक और जनसेवक के रूप में है।

उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय संविधान समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है, जिसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र को क्षति पहुँचाता है।

देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में बढ़ती भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) और पहचान आधारित अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि ऐसी घटनाएँ न केवल मानवता पर आघात हैं, बल्कि समाज के ताने-बाने को भी कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि भय, अफवाह और नफरत के आधार पर खड़ी की गई राजनीति समाज को विभाजित करती है और विकास की प्रक्रिया को बाधित करती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि है और प्रशासन की निष्पक्षता ही जनता के विश्वास की सबसे मजबूत नींव होती है। श्री सिंहदेव ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त होकर केवल संविधान के अनुरूप कार्य करें।

युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि सूचना-क्रांति के इस दौर में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भ्रामक सूचनाओं और नफरत फैलाने वाली विचारधाराओं से दूर रहकर संवाद, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के सेतु बनें।

अपने संदेश के अंत में श्री सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2026 में हमें मिलकर विभाजन की राजनीति को नकारते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता जैसे मूल मुद्दों पर केंद्रित एक समावेशी और मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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