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हाथी प्रभावित कांड राजा में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान के विरोध में ग्रामीणों का उग्र आंदोलन प्रशासन की भूमिका पर सवाल

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हाथी प्रभावित कंडराजा में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान के विरोध में ग्रामीणों का उग्र आंदोलन; प्रशासन की भूमिका पर सवाल

मैनपाट, 26 नवम्बर 2025कंकंडराजा (मैनपाट) के हाथी प्रभावित और पर्यावरणीय रूप से अति-संवेदनशील क्षेत्र में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना ग्रामसभा की वास्तविक सहमति के खनन की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे पारदर्शिता और जनभागीदारी पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार 137 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रस्तावित इस परियोजना की जनसुनवाई आगामी 30 नवम्बर 2025 को तय की गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस भूमि को शासन द्वारा “बंजर” बताया जा रहा है, वहां वर्षो से खेती होती रही है और वर्तमान में भी तुअर (अरहर) जैसी फसलें खड़ी हैं। कई किसानों के भूमि पट्टे बिना पर्याप्त कारण बताए निरस्त कर दिए गए हैं, जिससे आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि खदान खुलने से जलस्तर में गिरावट, वायु प्रदूषण में वृद्धि और हाथियों के प्राकृतिक गलियारे के बाधित होने की आशंका है। साथ ही मैनपाट की प्रसिद्ध प्राकृतिक सुंदरता व पर्यावरणीय संतुलन को भी गहरा नुकसान पहुंचेगा।ग्रामीण समुदाय और सामाजिक संगठन 30 नवम्बर को जनसुनवाई में भारी संख्या में शामिल होकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर प्रशासनिक दबाव के माध्यम से तथाकथित सहमति प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि जनभावना इस परियोजना के स्पष्ट विरोध में है।ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कांड राजा क्षेत्र में पर्यावरण और स्थानीय आजीविका की रक्षा के लिए खदान की अनुमति रद्द की जाए। यदि खदान परियोजना आगे बढ़ाई गई, तो इससे मैनपाट के पारिस्थितिक संतुलन और ग्रामीणों के जीवन पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ेगा।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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