बिलासपुर / बिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्रकार मुकेश चंद्राकार हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि पत्रकार की हत्या में आरोपी की संलिप्तता को देखकर उसे राहत या जमानत देना उचित नहीं है। इस मामले में सुरेश चंद्राकर समेत उसके भाइयों ने मिलकर पत्रकार की हत्या की साजिश रची थी।मुकेश चंद्राकार ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार तथा घटिया गुणवत्ता के खिलाफ खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके कारण सुरेश चंद्राकर ने अपने भाइयों के साथ मिलकर 3 जनवरी को पत्रकार की हत्या कर दी। इस मामले में कुल 9 लोगों पर चार्जशीट दाखिल है और सुरेश चंद्राकर 12 मई 2025 से जेल में है। जांच में सामने आया है कि सुरेश चंद्राकर मामले का मास्टरमाइंड था।हाईकोर्ट के इस फैसले से यह संदेश जाता है कि न्यायपालिका पत्रकारों की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों को गंभीरता से लेती है और इस तरह के गम्भीर अपराधों में किसी भी आरोपी को राहत नहीं देगी।यह प्रेस विज्ञप्ति इस कारण से महत्वपूर्ण है कि यह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी प्रतिक्रिया दर्शाती है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में न्यायपालिका का समर्थन स्पष्ट करती है।
Author: Chhattisgarhiya News
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