* एन एच-43 पर भीषण हादसा: मां-बेटी की मौके पर मौत, पिता गंभीर
* स्वजनों की सूचना पर पहुंचे विधायक,
* मौके पर इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच विधायक ने बीएमओ को निलंबित करने की अनुशंसा की
* अगले दिन स्वास्थ्यकर्मियों के काम बंद विरोध की सुगबुगाहट
* तीन सदस्यीय जांच टीम पहुंची स्वास्थ्य केंद्र
बतौली / राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार परिवार को पीछे से जोरदार टक्कर मारी और करीब 20 मीटर तक घसीट लिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। गंभीर रूप से घायल पिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बतौली लाया गया, जहां उपचार के दौरान लापरवाही के आरोप लगने से मामला गरमा गया।इसी बीच स्वजनों की सूचना पर विधायक अपने अमले के साथ पहुंचे थे।उन्होने गंभीर आरोपों के बीच बीएमओ को तत्काल निलंबित करने की अनुशंसा कर दी और जीवन दीप समिति के चालक को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए।उसके बाद से दूसरे दिन सोमवार तक स्वास्थ्यकर्मियों के लामबंद होने की सुगबुगाहट होती रही।
जानकारी के अनुसार, सीतापुर आदर्शनगर निवासी विक्की तुरिया (27) अपनी पत्नी लक्ष्मी तुरिया (26) और 2 वर्षीय बेटी बेबी के साथ रक्षाबंधन मनाकर अंबिकापुर से लौट रहे थे। माझापारा मंगारी पुलिया के पास तेज रफ्तार स्विफ्ट डिज़ायर कार (सीजी 12 एजी 5638) ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मारी और उसे 20 मीटर तक घसीट लिया।टक्कर की तीव्रता इतनी थी कि लक्ष्मी तुरिया और मासूम बेबी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। विक्की तुरिया गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ग्रामीणों की मदद से सीएचसी बतौली पहुंचाया गया।
सूचना पर पहुंचे विधायक
देर शाम को स्वजनों की सूचना पर विधायक राम कुमार पहुंचे थे।उनके अस्पताल में पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही और एम्बुलेंस की देरी का आरोप लगाया।विधायक ने मौके पर ही बीएमओ डॉ. संतोष सिंह से जवाब-तलब किया और एम्बुलेंस की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली। नाराज विधायक ने तत्काल जीवनदीप समिति के चालक को कार्यमुक्त करने और बीएमओ को निलंबित करने की अनुशंसा कर दी। विधायक के सख्त तेवरों से अस्पताल परिसर का माहौल देर शाम तक तनावपूर्ण रहा।
बीएमओ का पक्ष: “मां-बेटी की मौत मौके पर ही हो चुकी थी”
बीएमओ डॉ. संतोष सिंह ने स्पष्ट किया कि “मां और बेटी की मौत तो मौके पर ही हो चुकी थी। घायल पिता का संपूर्ण प्राथमिक उपचार ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने किया। इसके बाद 108 आपातकालीन सेवा को फोन किया गया, लेकिन वह व्यस्त थी। ऐसे में सीएचसी की एम्बुलेंस भेजने की तैयारी की जा रही थी और चालक को बुलाया गया था। विधायक के पहुंचने के समय एम्बुलेंस अस्पताल के बाहर निकाली जा चुकी थी।”
स्वास्थ्यकर्मियों का विरोध और दूसरे दिन भी गर्म रहा माहौल
विधायक के निर्देश और घटना के दौरान हुई कहासुनी के बाद स्वास्थ्यकर्मियों के लामबंद होने की भी खबर है।
उनका आरोप है कि बीएमओ के साथ अभद्रता और चालक के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि केवल कर्मियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है, जबकि संसाधनों की भारी कमी भी एक बड़ी वजह है।सोमवार को इसी मुद्दे को लेकर अस्पताल परिसर में दिनभर चर्चा और विरोध की सुगबुगाहट बनी रही।उधर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के निर्देश पर डॉ. राजेश भजगावली, डॉ. वाई.के. किंडो और डॉ. पी.के. सिन्हा की टीम ने सीएचसी पहुंचकर बीएमओ, ड्यूटी चिकित्सक और स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट आयुक्त सरगुजा को भेजी जाएगी।
आरोपी कार चालक शिव कुजूर निवासी सरगा को रात में ही सीतापुर पुलिस ने दो अन्य सवारों के साथ पकड़ लिया था और हिरासत में ले लिया। बताया गया कि सभी नशे में थे और तेज रफ्तार से वाहन चला रहे थे, तभी गंभीर हादसा हो गया ।सीतापुर में भी एक मोटरसाइकिल सवार को उन्होंने ठोकर मार दी थी जिसका इलाज किया गया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
इस मामले में देर शाम ही विधायक ने मीडिया कर्मियों के सामने दिए गए बयान में स्पष्ट किया कि श्री विष्णु देव सरकार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।मुझे स्वजनों ने बुलाया था 1 घंटे तक चिकित्सा के न आने और एंबुलेंस की व्यवस्था न हो पाने की खबर थी। मौके पर मैंने यह मामला सही पाया ।मेरे आने के बाद बीएमओ पहुंचे और उनसे मैंने सवाल जवाब किया इसके बाद मैने उचित कार्रवाई के निर्देश दिए है।
Author: Chhattisgarhiya News
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