आधुनिक संसाधनों के उपयोग से लोहार समाज हुए बेरोजगार, प्रशासन से सहयोग की गुहार
सरगुजा जिले के विकासखंड बतौली अंतर्गत ग्राम पंचायत खड़धोवा के निवासी जेढू लोहार एवं ग्राम पंचायत भटकों के बैजनाथ लोहार ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रचलन के कारण परंपरागत लोहार समाज के रोजगार समाप्त हो रहे हैं। सदियों से लोहार समाज खेती में उपयोग होने वाले हल, कुदाल, दरांती, एवं अन्य कृषि उपकरणों का निर्माण कर किसानों की आवश्यकताएं पूरी करता था। इससे उन्हें आजीविका मिलती थी।
लेकिन वर्तमान में कृषि में ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, और अन्य उन्नत उपकरणों के बढ़ते उपयोग ने उनके रोजगार को खत्म कर दिया है। रोजगार के अभाव में अब ये परिवार पत्थर तोड़ने जैसे श्रमसाध्य कार्यों को करने के लिए विवश हैं।
जेढू लोहार एवं बैजनाथ लोहार ने बताया कि कई बार उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें अब तक शासन की किसी भी योजना, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना, का लाभ नहीं मिल पाया है। यह उनके प्रति प्रशासनिक उपेक्षा को दर्शाता है।
लोहार समाज ने शासन-प्रशासन से निवेदन किया है कि उन्हें रोजगार के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिया जाए।
लोहार समाज की मांगें:
1. जीवन यापन के लिए वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना।
2. प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान करना।
3. जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक मदद सुनिश्चित करना।
लोहार समाज ने आशा व्यक्त की है कि शासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके लिए रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के उपयुक्त साधन उपलब्ध के कराएगा
Author: Chhattisgarhiya News
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