“सड़कों की दुर्दशा: प्रशासन की लापरवाही से जनता त्रस्त”
अंबिकापुर और सरगुजा की सड़कों की दुर्दशा ने एक बार फिर प्रशासन की नाकामी को उजागर कर दिया है। बनारस रोड, भारत माता चौक और पी.जी. कॉलेज के आसपास की सड़कें भारी बारिश के बाद जलमग्न हो गई हैं। इन सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब मौत के कुएं बन गए हैं, जो न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को इस समस्या के बारे में बार-बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बारिश होते ही ये सड़कें तालाब बन जाती हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रमुख समस्याएं:
यातायात बाधित: जलभराव और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन फिसलने और छोटे वाहन गड्ढों में फंसने की घटनाएं आम हो गई हैं।
जनसुरक्षा को खतरा: स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, बुजुर्ग और आम नागरिकों के लिए ये सड़कें खतरनाक बन गई हैं।
आर्थिक नुकसान: गड्ढों के कारण वाहनों की मरम्मत पर भारी खर्च हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी हुई है। बार-बार ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जनता की मांग:
1. प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की तुरंत मरम्मत की जाए।
2. जलभराव रोकने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की जाए।
3. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
सवाल उठता है:
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या जनता की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना अब उनकी प्राथमिकता नहीं रही?
अंबिकापुर और सरगुजा की जनता अपील करती है कि इस गंभीर समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, अन्यथा आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
Author: Chhattisgarhiya News
सच्ची बात सिर्फ छत्तीसगढ़िया न्यूज़ के साथ








