विशेष पिछड़ी जनजाति सर्वे सूची में नाम जोड़ने को लेकर समिति ने उठाई आवाज
अंबिकापुर/बतौली, 22 मई 2026। सरगुजा जिले की कोरवा समाज कल्याण समिति ने विशेष पिछड़ी जनजाति सर्वे सूची में कोरवा समाज के नामों को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जनपद पंचायत बतौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
समिति ने बताया कि एक सामाजिक संगठन के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि सर्वे में शामिल कोरवा परिवारों पर आपत्ति दर्ज कर उन्हें “डीह कोरवा” बताया जा रहा है, जबकि ऐसा दावा पूरी तरह निराधार एवं भ्रामक है।
समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि “पहाड़ी कोरवा” कोई जाति नहीं है तथा शासन के सेटलमेंट एवं जनजातीय शैल सूची क्रमांक 27 में केवल “कोरवा” जाति का ही उल्लेख है। ऐसे में समाज विशेष के लोगों पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं, जिससे समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं।
समिति ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वास्तविक पात्र कोरवा परिवारों के नाम विशेष पिछड़ी जनजाति सर्वे सूची में जोड़े जाएं। साथ ही समाज के संबंध में फैल रही भ्रांतियों एवं अफवाहों पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।
कोरवा समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के अधिकारों एवं पहचान की रक्षा के लिए संगठन लगातार प्रयासरत रहेगा तथा समाज हित में आगे भी आवाज उठाता रहेगा।
इस संबंध में समिति की ओर से जिलाध्यक्ष परशुराम कोरवा, जिला उपाध्यक्ष कृष्णा कुमार कोरवा, जिला सचिव चैतन कोरवा, जिला महामंत्री दीपक कोरवा सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन प्रशासन को सौंपा गया।
इस दौरान निलेश कुमार, अमित कुमार कोरवा, बोधसाय कोरवा, चेतन राम, परशुराम कोरवा सहित समाज के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
Author: Chhattisgarhiya News
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