मेनपाट तराई क्षेत्र में पेयजल संकट पर जिला पंचायत सदस्य निर्मला कुजूर ने उठाए सवाल
सरगुजा / सरगुजा जिले के मैनपाट तराई क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य निर्मला कुजूर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की कार्यप्रणाली एवं क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जिला पंचायत सदस्य ने आरोप लगाया है कि सीतापुर, मेनपाट एवं बतौली क्षेत्र को मिलाकर लगभग 4000 से अधिक हैंडपंप स्थापित हैं, लेकिन वर्तमान में विभाग द्वारा मात्र लगभग 200 पाइप ही उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के चलते जलस्तर लगातार नीचे चला जाता है, जिसके कारण हैंडपंपों में पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पाइपों की आवश्यकता पड़ती है, परंतु विभाग इस दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
निर्मला कुजूर ने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण लगातार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांव-गांव में पानी टंकियां तो बनाई गई हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में उनमें भी नियमित पानी सप्लाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि जनहित से जुड़े मूलभूत मुद्दों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि “जब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तब विकसित भारत संकल्प की परिकल्पना कैसे पूरी होगी?” उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होना भी कई सवाल खड़े करता है।
जिला पंचायत सदस्य निर्मला कुजूर पूर्व में भी क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर लगातार मुखर रही हैं तथा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में खराब हैंडपंपों की मरम्मत, पर्याप्त पाइप उपलब्ध कराने एवं जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग प्रशासन से की है।
Author: Chhattisgarhiya News
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