सीतापुर नगर पंचायत में क्लोरीन डोजर बॉक्स योजना पर भ्रष्टाचार के आरोप, भाजपा पार्षद ने उठाए सवाल
सीतापुर, सरगुजा। सीतापुर नगर पंचायत में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई क्लोरीन डोजर बॉक्स योजना अब गंभीर विवादों में घिरती नजर आ रही है। लगभग 46 लाख रुपये की लागत से संचालित इस योजना में भ्रष्टाचार और फर्जी भुगतान के आरोप सामने आए हैं। खास बात यह है कि इस मामले को विपक्ष नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा के ही एक पार्षद ने सार्वजनिक रूप से उठाया है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत द्वारा शहर की 12 बोर मशीनों में क्लोरीन डोजर बॉक्स लगाए जाने थे, ताकि नगरवासियों को कीटाणुरहित, गंधहीन एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। परिषद की बैठक में योजना को जनहित में स्वीकृति दी गई थी, हालांकि उस दौरान कुछ पार्षदों ने कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर आशंका भी व्यक्त की थी।
अब वार्ड क्रमांक-2 के भाजपा पार्षद भवानी सिंह ने योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सभी 12 बोर मशीनों में डोजर बॉक्स लगाए जाने थे, लेकिन वास्तविकता में केवल कुछ स्थानों पर ही कार्य किया गया। इसके बावजूद दस्तावेजों में पूरे कार्य को पूर्ण दर्शाकर लगभग 46 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
पार्षद भवानी सिंह ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा मामला अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि परिषद की बैठक में उन्होंने पहले ही भ्रष्टाचार की आशंका जताई थी, लेकिन उनकी आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इस कथित लापरवाही का असर अब आम जनता पर दिखाई दे रहा है। नगरवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नलों से दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का मानना है कि यदि सभी बोर मशीनों में क्लोरीन डोजर बॉक्स सही तरीके से लगाए गए होते, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व सैनिक रामकुमार टोप्पो लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति की बात करते रहे हैं। ऐसे में अब जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
वहीं नगर पंचायत सीएमओ ओमप्रकाश शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि निर्धारित सभी बोर मशीनों में मानक अनुरूप क्लोरीन डोजर बॉक्स लगाए जा चुके हैं और योजना का कार्य नियमानुसार पूर्ण किया गया है।
फिलहाल स्थानीय नागरिकों और पार्षद द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सच्चाई सामने लाने के लिए जांच कराता है या नहीं।
Author: Chhattisgarhiya News
सच्ची बात सिर्फ छत्तीसगढ़िया न्यूज़ के साथ








