Search
Close this search box.

दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर कर रहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर कर रहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स
2400 से अधिक शिविरों में 40 हजार से ज्यादा मरीज हुए लाभान्वित
रायपुर | प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत छत्तीसगढ़ में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) राज्य के सुदूर, दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर ग्रामीण जनजीवन के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। अब तक 2400 से अधिक चिकित्सा शिविरों का सफल आयोजन कर 40,000 से ज्यादा मरीजों को निःशुल्क उपचार व परामर्श उपलब्ध कराया गया है।
पीएम-जनमन परियोजना के परियोजना निदेशक चेतन शर्मा ने बताया कि इन मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उन क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं, जहां सामान्यतः चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। इन यूनिट्स में 57 एमबीबीएस डॉक्टर, नर्स और लैब तकनीशियन की टीमें कार्यरत हैं, जो मौसमी, संक्रामक एवं पुरानी बीमारियों का उपचार कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि आवश्यक आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित ये मोबाइल मेडिकल यूनिट्स “पहियों पर अस्पताल” की तरह कार्य कर रही हैं, जिनमें 25 प्रकार की लैब जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह पहल विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
एमएमयू द्वारा प्रमुख रूप से जिन बीमारियों का उपचार किया जा रहा है उनमें त्वचा रोग (दाद, खुजली, बैक्टीरियल वेजिनोसिस, यीस्ट इन्फेक्शन, ट्राइकोमोनिएसिस), गैर-संचारी रोग जैसे उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह, वायरल बुखार, टाइफाइड तथा अन्य सामान्य संक्रमण शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स द्वारा प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवाएं, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC), उच्च जोखिम गर्भधारण की पहचान एवं रेफरल, तथा प्रसवोत्तर देखभाल (PNC) भी प्रदान की जा रही है।
बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए कुपोषण की स्क्रीनिंग, परामर्श एवं डायरिया, एआरआई/निमोनिया, अस्थमा और खसरा जैसी बीमारियों के उपचार की सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
इन मोबाइल यूनिट्स द्वारा जिन दुर्गम क्षेत्रों को कवर किया गया है, उनमें नारायणपुर एवं ओरछा, बड़े राजपुर (कोंडागांव), कुसमी एवं शंकरगढ़ (बलरामपुर), अंतागढ़ एवं भानुप्रतापपुर (कांकेर), बोडला (कबीरधाम), मैनपुर, देवभोग एवं छुरा (गरियाबंद), नगरी (धमतरी), पाली एवं पौड़ी उपरोड़ा (कोरबा), गौरेला (जीपीएम) एवं पिथौरा शामिल हैं।
यह पहल “सबके लिए स्वास्थ्य” की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

सच्ची बात सिर्फ छत्तीसगढ़िया न्यूज़ के साथ

Leave a Comment

और पढ़ें