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एनएच-43 पर दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आईं स्कूल जाती दो मासूम, हालत नाजुक

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एनएच-43 पर दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आईं स्कूल जाती दो मासूम, हालत नाजुक

बतौली (सरगुजा)।बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-43 मुख्य मार्ग पर सेदम गांव के पास आज सुबह करीब 9:30 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे एक ट्रेलर वाहन ने स्कूल जा रही दो मासूम बच्चियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

घटना के तुरंत बाद सेदम सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायल बच्चियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बतौली पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर रेफर कर दिया। एंबुलेंस उपलब्ध न होने की स्थिति में ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए निजी वाहन से बच्चियों को अंबिकापुर पहुंचाया।

हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर फरार होने की कोशिश कर रहा था, जिसे ग्रामीणों ने मंगारी धान केंद्र मार्ग पर सूझबूझ से रोककर चालक सहित पकड़ लिया और थाना बतौली के सुपुर्द कर दिया।

स्कूल के सामने सड़क बनी खतरे की पटरी, चक्का जाम को हुए ग्रामीण तैयार

लगातार हो रही दुर्घटनाओं, तेज रफ्तार भारी वाहनों और स्कूल के ठीक सामने सुरक्षा उपायों के अभाव से आक्रोशित सेदम व आसपास के गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर और बैरिकेट लगाने की मांग करते हुए चक्का जाम की चेतावनी दी।

सूचना मिलते ही मौके पर एसडीओपी सीतापुर, एसडीएम सीतापुर, तहसीलदार बतौली एवं थाना प्रभारी बतौली भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थिति को नियंत्रित किया और समझाइश देकर चक्का जाम नहीं होने दिया।

एक साल से टूटी नाली बनी जानलेवा समस्या

ग्रामीणों ने मौके पर सेदम से गोविंदपुर मार्ग पर एनएच-43 से लगी नाली के पिछले एक वर्ष से टूटे होने का गंभीर मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया निर्माण और ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह नाली स्कूली बच्चों, राहगीरों और दोपहिया वाहनों के लिए रोजाना खतरा बनी हुई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम सीतापुर को लिखित शिकायत भी सौंपी।

प्रशासन के आश्वासन के बाद शांत हुआ आक्रोश

प्रशासन ने ग्रामीणों को तत्काल स्पीड ब्रेकर व बैरिकेट लगाने, टूटी नाली की शीघ्र मरम्मत, निर्माण कार्य की जांच और सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासनिक भरोसे के बाद ही ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ।

Chhattisgarhiya News
Author: Chhattisgarhiya News

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