CGMSC में 500 करोड़ के रीएजेंट खरीदी घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई तीन और आरोपी गिरफ्तार, 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड
रायपुर, 20 जनवरी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में सामने आए करीब 500 करोड़ रुपये के रीएजेंट खरीदी घोटाले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की गिरफ्तारी के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
EOW ने पंचकुला स्थित फर्म ‘रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स’ के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, लाइजनर प्रिंस जैन तथा रायपुर की फर्म ‘शारदा इंडस्ट्रीज’ के प्रोप्राइटर राकेश जैन को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच में यह बात सामने आई है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हमर लैब योजना’ के तहत आम जनता को निशुल्क जांच सुविधा देने के नाम पर मेडिकल उपकरणों और रीएजेंट की खरीदी में गंभीर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि मोक्षित कॉरपोरेशन ने अन्य फर्मों के साथ मिलकर पूल टेंडरिंग और कार्टलाइजेशन के जरिए ठेका हासिल किया, जिससे प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, निविदा प्रक्रिया के दौरान सभी संबंधित फर्मों के दस्तावेजों में उत्पाद विवरण, पैक साइज और तकनीकी जानकारियां एक समान पैटर्न में भरी गई थीं, जिससे मिलीभगत की पुष्टि होती है। इतना ही नहीं, मोक्षित कॉरपोरेशन द्वारा CGMSC को एमआरपी से लगभग तीन गुना अधिक दर पर सामग्री की आपूर्ति की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
प्रारंभिक जांच में इस संगठित सिंडिकेट के कारण शासन को लगभग 550 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि फर्जी दस्तावेजों, आपसी मिलीभगत और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस कथित घोटाले को अंजाम दिया गया। मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों की गिरफ्तारी से इनकार नहीं किया जा रहा है।
Author: Chhattisgarhiya News
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