“बोलती परछाइयाँ” : अनमोल लम्हों, रहस्यों और रोमांच का अद्भुत संग्रह जल्द होगा विमोचन
बिलासपुर। जीवन में घटने वाले विविध अनुभव—कभी रोमांचक, कभी रहस्यमयी, तो कभी दिल छू लेने वाले—इन्हीं रंग-बिरंगे लम्हों को संजोकर लेखक सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” अपनी नई पुस्तक “बोलती परछाइयाँ” लेकर आ रहे हैं।लेखक के अनुसार यह पुस्तक जीवन के उन अनछुए एहसासों का संग्रह है, जिनसे हम कभी डरते हैं, कभी सीखते हैं और कभी मुस्कुराते हुए गुजर जाते हैं। डरावने पलों से लेकर रोचक घटनाओं और रोमांचकारी अनुभवों तक, हर अध्याय पाठकों को एक नए एहसास की तरफ ले जाएगा।सुरेश सिंह बैस ने बताया कि “बोलती परछाइयाँ” करीब चालीस वर्षों के बीच में जीवन में घटे हुए अनेक ऐसी-ऐसी घटनाएं हैं जो डराती तो कभी गुदगुदाती तो कभी जीवन की सीख बनी, और तो कभी-कभी ऐसी भी घटनाएं घटी जिसने जीवन में हंसी और खुशियों के पल भी संजोए हैं। बीते जीवन में कुछ घटनाएं तो ऐसी है कि जो नया जीवन देकर गई। यही सभी पल अविस्मरणीय बन गए हैं, जो इस पुस्तक में संजोकर अब आपके सामने आ रही है। इनमें जीवन में घटित वास्तविक घटनाओं का संवेदनात्मक प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा—“इस पुस्तक में जीवन के तरह-तरह के लमहों के रंग हैं… कुछ डरावने, कुछ रहस्य और रोमांच से भरे हुए, और कुछ उम्मीद व अनुभूतियों से सराबोर। आशा है कि यह पुस्तक पाठकों को नया दृष्टिकोण देगी।”यह पुस्तक जल्द ही पाठकों के हाथों में होगी।
Author: Chhattisgarhiya News
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